कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री का सफेद झूठ: राकेश ठाकुर

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :-  भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर और जिला कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने आज एक साझा बयान जारी करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और भोरंज के विधायक सुरेश कुमार पर तीखा निशाना साधा।

भोरंज में कांग्रेस विधायक की खुली लूट : राकेश ठाकुर और धर्मेंद्र शर्मा ने कांग्रेस नेताओं पर साधा निशाना

राकेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जब-जब किसी भी प्रकार के चुनाव आते हैं, तब-तब मुख्यमंत्री को महिलाओं की याद आने लगती है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने प्रदेश की प्रत्येक 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला को 1500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद यह वादा पूरी तरह हवा-हवाई साबित हुआ। इतना ही नहीं, जिन कुछ महिलाओं से फॉर्म भरवाकर उनके खातों में पैसे डाले गए थे, उनसे वह राशि भी वापस ले ली गई।

राकेश ठाकुर ने कहा कि अब जबकि प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव होने जा रहे हैं, ठीक उससे पहले कैबिनेट बैठक बुलाकर मुख्यमंत्री ने चुनावी छलावे के तौर पर 2 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि यह सीधे तौर पर चुनाव आचार संहिता की भावना के विपरीत है और प्रदेश की महिलाओं के साथ एक बार फिर राजनीतिक धोखा किया गया है। राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार महिलाओं को केवल चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।

वहीं भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने कांग्रेस नेता एवं भोरंज विधायक सुरेश कुमार पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए। धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि विधायक सुरेश कुमार सत्ता का दुरुपयोग करते हुए पंचायतों में पड़े 15वें वित्त आयोग के अनस्पेंट फंड का दुरुपयोग कर महिला मंडलों को कुर्सियां बांट रहे हैं और उसका श्रेय स्वयं ले रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि यह पैसा पंचायतों में विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल होना चाहिए था, लेकिन विधायक जनता के बीच इसे अपना निजी योगदान बताकर बंदरबांट कर रहे हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

धर्मेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए विधायक सुरेश कुमार महिलाओं को जिला परिषद चुनावों में कांग्रेस विचारधारा के प्रत्याशियों को जिताने के बदले तीर्थ यात्राएं करवाने का झूठा आश्वासन भी दे रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वोट के बदले इस प्रकार के प्रलोभन देना न केवल अनैतिक है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि चाहे मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा महिलाओं को बार-बार 1500 रुपये देने के नाम पर किए जा रहे झूठे वादे हों, या फिर विधायक सुरेश कुमार द्वारा वोट के बदले महिलाओं को तीर्थ यात्राओं का लालच दिया जाना — दोनों ही मामले चुनावी आचार संहिता और नैतिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता महिलाओं की भावनाओं और विश्वास के साथ लगातार खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रदेश की महिलाएं अब कांग्रेस के इन चुनावी हथकंडों और खोखले वादों को भली-भांति समझ चुकी हैं और आने वाले समय में इसका करारा जवाब देंगी।

 

[post-views]