



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई द्वारा सेंटर आफ एक्सीलेंस पंचकूला के अंतर्गत डी ए वी पब्लिक स्कूल हमीरपुर में एथिक्स एंड रिस्पांसिबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया


जिसमें सीबीएसई से संबंधित जिला हमीरपुर के 15 स्कूलों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यशाला में 12 प्रेजेंटर्स व 28 प्रतिभागियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न पहलुओं पर विचार मंथन किया।




कार्यशाला में संसाधन व्यक्तियों के रूप में महेंद्र सिंह ठाकुर प्रिंसिपल, डी ए वी पब्लिक स्कूल हमीरपुर, डिप्टी डायरेक्टर ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर, उत्तम चंद, प्रवक्ता, डीएवी पब्लिक स्कूल कांगू, डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर मनोज पटियाल, प्रवक्ता डीएवी पब्लिक स्कूल हमीरपुर, स्कूल ट्रेनिंग नोडल कोऑर्डिनेटर, आशा चौहान प्रवक्ता डीएवी पब्लिक स्कूल हमीरपुर मुख्य रूप से उपस्थित रहे।







कार्यशाला में शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग पर विचार मंथन करते हुए इन्नोवेट क्लासरूम और प्रैक्टिस यूजिंग कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विचार सांझा किए गए।


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का आइडिया जेनरेशन की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। 21वीं सदी के लर्निंग स्किल्स, सपोर्टेड लर्निंग टूल्स, पेटर्न रिकॉग्निशन, लॉजिकल थिंकिंग, डाटा एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अवेयरनेस, एल्गोरिथम थिंकिंग के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर सभी ने गहन चिंतन किया।



विभिन्न विषयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता और साइंस जैसे विषयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार किया गया।


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से शिक्षण को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने तथा बच्चों में सीखने के प्रति रुचि उत्पन्न करने और उन्हें रचनात्मक व तार्किक रूप से सोचने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।


















