



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- हमीरपुर जिले के खटवीं गांव से संबंध रखने वाले डॉ. अभिषेक शर्मा ने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल कर क्षेत्र तथा अकादमिक जगत को गौरवान्वित किया है।

खटवीं के डॉ. अभिषेक शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया हिमाचल का मान



डॉ. शर्मा को वर्ष 2025 की “साईरैंक वैश्विक रजिस्ट्री” में विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों में स्थान प्राप्त हुआ है। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट शोध कार्यों, वैज्ञानिक योगदान तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण माना जा रहा है।






इसके अलावा उन्हें विश्व प्रसिद्ध “क्यूएस रीइमैजिन एजुकेशन अवार्ड्स एंड कॉन्फ्रेंस-2026” के लिए निर्णायक नियुक्त किया गया है। इस सम्मेलन का आयोजन लंदन, यूनाइटेड किंगडम में होगा। यह उपलब्धि वैश्विक शिक्षा और शोध समुदाय में उनकी बढ़ती पहचान और प्रतिष्ठा को दर्शाती है।


वर्तमान में डॉ. अभिषेक शर्मा चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में सह-प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। वह ऐसे परिवार से संबंध रखते हैं, जहां शिक्षा, संस्कार और परिश्रम को विशेष महत्व दिया जाता है। वह स्वर्गीय श्री देवी राम तथा श्रीमती जैबंती देवी के पौत्र हैं। डॉ. शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, शिक्षकों, सहयोगियों और मित्रों को दिया है।



डॉ. शर्मा अब तक 70 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं। उन्होंने भू-तकनीकी अभियांत्रिकी, सतत आधारभूत संरचना, मृदा स्थिरीकरण तथा सिविल अभियांत्रिकी में मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके शोध कार्य अपशिष्ट पदार्थों के उपयोग से मृदा सुधार, सतत निर्माण तकनीकों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर केंद्रित रहे हैं।


उनकी यह उपलब्धि न केवल खटवीं गांव और हमीरपुर जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। साथ ही यह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।


















