



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- अदालतों में लंबित मामलों को मध्यस्थता, सुलह एवं आपसी सहमति से निपटाने हेतु आरंभ किए गए ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0’ अभियान का लाभ उठाने के लिए संबंधित अदालतों में आवेदन किया जा सकता है।

लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत




जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने बताया कि अदालतों में लंबित मामलों का निपटारा मध्यस्थता, सुलह एवं आपसी सहमति से भी किया जा सकता है।






इससे दोनों पक्षों के समय और धन की बचत होती है तथा उनमें सौहार्दपूर्ण संबंध भी बने रहते हैं। कुलदीप शर्मा ने बताया कि अदालतों में कई मामले लंबे समय तक लंबित रहते हैं। इससे दोनों पक्षों का बहुमूल्य समय और धन खर्च होता है।


इससे बचने के लिए मध्यस्थता, सुलह एवं आपसी सहमति एक बहुत ही अच्छा माध्यम हो सकता है। इसी के मद्देनजर राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) ने ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0’ अभियान शुरू किया है।



अगर कोई पक्ष इस अभियान के तहत अपने केस का निपटारा करवाना चाहता है तो वह संबंधित अदालत में आवेदन कर सकता है। मध्यस्थता के लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।


कुलदीप शर्मा ने बताया कि वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस के मामले, दुर्घटनाओं से संबंधित केस, क्रिमिनल कपाउंडेबल अपराध, बीमा और एलए इत्यादि से संबंधित मामलों को मध्यस्थता से निपटाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि लंबित मामलों को निपटाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालतें भी लगाई जाती हैं। अगली राष्ट्रीय लोक अदालत की तिथि 12 सितंबर निर्धारित की गई है। इस दिन जिला हमीरपुर के सभी न्यायिक परिसरों में भी ये अदालतें लगाई जाएंगी। लोग इनमें अपने मामलों का त्वरित निपटारा करवा सकते हैं।


















