



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- प्रचंड गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच सरकारी व निजी काॅलेज, स्कूलों के नौनिहाल पढ़ने को मजबूर हैं। तापमान 40°C पार कर चुका है, लेकिन स्कूलों में बिजली कट की समस्या से बच्चे बेहाल हैं।

क्या है मामला




हिमाचल के कई जिलों में भीषण गर्मी पड़ रही है। शिमला, हमीरपुर समेत मैदानी इलाकों में स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चल रहे हैं। इसी दौरान घंटों बिजली गुल रहती है। पंखे बंद, पीने का पानी गर्म और क्लास में बैठना मुश्किल। छोटे बच्चे गर्मी से उल्टी-दस्त और चक्कर की शिकायत कर रहे हैं।






अभिभावकों में रोष


अभिभावकों का कहना है कि जब मौसम विभाग ने हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, तो शिक्षा विभाग और बिजली बोर्ड को पहले से इंतजाम करने चाहिए थे। बिजली कट छुट्टी के दिन करना चाहिए या तो समय बदला जाए या बिजली कट बंद हो” – एक अभिभावक ने बताया।



शिक्षकों की मजबूरी


स्कूल स्टाफ का कहना है कि बिजली कट की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई, स्मार्ट क्लास सब ठप है। बच्चों को कॉपी-किताब से पसीने में पढ़ाना पड़ रहा है। कई स्कूलों में इन्वर्टर तक नहीं है।
विभाग की जिम्मेदारी तय हो
1. शिक्षा विभाग: गर्मी को देखते हुए स्कूल टाइमिंग सुबह 7 से 11 बजे तक की जाए, या अवकाश घोषित हो।
2. बिजली बोर्ड: स्कूल टाइम में अघोषित कट बंद किए जाएं। स्कूलों को प्राथमिकता पर बिजली दी जाए।

3. प्रशासन: सभी स्कूलों में पीने के ठंडे पानी और फर्स्ट-एड की व्यवस्था चेक हो।
गर्मी से बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। अगर समय रहते विभाग नहीं जागा तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
बिजली विभाग के एसडीओ सुनील कुमार ने कहा कि ये प्रपोज पहले फील्ड से आता है उसके बाद ठेकेदार अपनी लेबर प्रोवाइड करवाता है उसी से डिसाइड होता है कि किस दिन कट लगेगा आगे से इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा की गर्मी के मौसम में कट न लगे।

















