शहीद के मुआवजे के ₹21 लाख लेकर गर्लफ्रेंड फरार, माता पिता खाली हाथ

बिहार:- विमान हादसे में फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की शहादत के बाद घर परिवार के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. जले पर नमक छिड़कने वाली कहावत भी इनके परिजनों पर चरितार्थ हो रही है।

 

अचानक परिवार वालों को जब पता चला कि शुभम ने अपनी कथित प्रेमिका के संग कोर्ट में शादी रचा ली है. इस बात का खुलासा तब हुआ जब सरकार के द्वारा शहीद के परिजनों को 21 लाख की अनुग्रह राशि बांट दी गई।

 

 

लेकिन ये राशि पिता के बजाय उसकी कथित पत्नी और आजमगढ़ की रहने वाली श्रेया राय को दी गई. हद तो तब हो गई जब उक्त राशि शहीद के गांव बनबरिया में न देकर गया में बैठी उसकी कथित पत्नी को दे दी गई.श्रेया राय ने कोर्ट मैरेज करने का किया दावा

इधर, श्रेया राय ने दावा किया है कि उन्होंने शुभम के साथ फरवरी 2026 में ही कोर्ट मैरेज कर लिया था. इसलिए नियमानुकुल शहीद के परिजनों को मिलने वाला हर लाभ पर पत्नी होने के नाते उनका ही दावा बनता है।

 

हुलासगंज सीओ ने फिलहाल शहीद शुभम की पत्नी को 21 लाख रुपए की अनुग्रह राशि सौंपी है. जिसपर फिलहाल शहीद के पिता और कथित पत्नी के बीच रार छिड़ गया है.

 

पिता ने कहा- वर्ष 2027 में होनी थी दोनों की शादी

शहीद शुभम कुमार के पिता अमरेंद्र शर्मा का दावा है कि कि मैं किसी श्रेया राय को नहीं जानता हूं जो मेरे पुत्र की पत्नी है. यह बात जरूर है कि मेरे बेटे ने उससे शादी का रिश्ता की बात घर में बोला था।

 

जो मेरी मां के निधन के एक साल बाद वर्ष 2027 में उसके साथ शादी होने की बात कही गई थी. घर परिवार के किसी भी सदस्य को इस बात की भनक तक नहीं है की शुभम ने श्रेया से शादी रचाई है।

 

इतना जरूर पता था कि दोनों एक-दूसरे को चाहते हैं और शादी करना चाहते हैं. शुभम के परिवार इस शादी के लिए राजी थे, इसी साल नवंबर में शादी भी होनी थी.अंतिम संस्कार में शामिल हुई थी कथित पत्नी

उनकी शहादत की सूचना पर कथित पत्नी श्रेया राय पति के पार्थिव शरीर के साथ हुलासगंज थाना क्षेत्र के बनवरिया गांव पहुंची जरूर थी लेकिन मास्क लगा कर चेहरा छुपाती रही, घर परिवार के किसी भी सदस्य से मिलना भी मुनासिब नहीं समझी।

 

शुभम के परिवार वालों के साथ गम में वह भी शरीक हुई थी. गांव से शुभम का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए गयाजी के विष्णुपद ले जाया गया था, वहां भी वह परिवार वालों के साथ मौजूद रही.

 

‘अगर वह सच में शुभम की पत्नी है तो मेरे घर आकर रहे और सनातन के मुताबिक संस्कार में शामिल हो, तब मैं उसे बहु मानूंगा. पैसा लेकर वो आजमगढ़ चली गई है. वो बहू का फर्ज अदा करे, बुढ़ापे में हमारा और पत्नी का देख भाल करे. आगे कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी.’– अमरेंद्र शर्मा, शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम के पिता

 

गोपनीय तरीके से चेक बांटने का लगाया आरोप

वायुसेना के अधिकारियों द्वारा विष्णुपद में शुभम की मां को तिरंगा व उनकी टोपी सौंपी गई थी, जबकि श्रेया राय को बिहार सरकार की ओर से 21 लाख रुपए का चेक हुलासगंज सीओ के द्वारा दिया गया था।

 

श्रेया राय को चेक मिलने की सूचना से शुभम के माता-पिता वाकिफ नहीं थे. गांव लौटने पर दूसरे दिन पिता अमरेंद्र शर्मा को यह जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने सीओ से संपर्क किया।

 

तब सीओ ने श्रेया राय को 21 लाख रुपए का चेक देने की बात स्वीकार की. देर रात पत्नी ने ससुर को फोन कर बोली कि बहकावे में मत आइए आप।

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