



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- हमीरपुर विधायक आशीष शर्मा और भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री ने जारी संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को लेकर लगातार झूठ पर झूठ बोल रहे हैं और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा करवाए गए विकास कार्यों का झूठा श्रेय लेने की बीमारी लग गई है, जबकि सच्चाई और तथ्य कुछ और ही कहानी बयां करते हैं।




आशीष शर्मा और विजय अग्निहोत्री ने कहा कि मोदी सरकार में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के कार्यकाल में 2015 में सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के सतत प्रयासों से जोलसप्पड़ में डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिली और इसके लिए 174 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई।







उन्होंने कहा कि केंद्र की स्वीकृति के बावजूद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लगभग ढाई वर्षों तक इस परियोजना को लटकाए रखा और भूमि तक उपलब्ध नहीं करवाई। वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भूमि उपलब्ध करवाई गई तथा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के बाद 6 जून 2018 को तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की उपस्थिति में डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर का शिलान्यास किया गया।


उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने मूल परियोजना लागत 189 करोड़ रुपये में अपने 90 प्रतिशत हिस्से के रूप में 170.10 करोड़ रुपये जारी किए हैं। अनुराग सिंह ठाकुर के प्रयासों से चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेजों के लिए भी समान वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किया गया।



स्वास्थ्य मंत्रालय की 24 अक्टूबर 2021 की प्रेस विज्ञप्ति में 157 मेडिकल कॉलेजों के लिए लगभग 17,691.08 करोड़ रुपये के आवंटन का विवरण उपलब्ध है, जिसमें प्रति मेडिकल कॉलेज 189 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।


विजय अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू की स्मृति को ताजा करते हुए यह बताना आवश्यक है कि 1 मार्च 2014 को तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने मंडी में एक कार्यक्रम के दौरान चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेजों की घोषणा की थी।
यह घोषणा बिना किसी बजटीय प्रावधान के की गई थी और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज का कहीं कोई उल्लेख नहीं था। 5 मार्च 2014 को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का निर्णय लिया गया, लेकिन उसी दिन लोकसभा चुनावों की घोषणा होने से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई और यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद केंद्र में एनडीए सरकार बनने के पश्चात यूपीए सरकार के पास इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाने का अवसर नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने व्यक्तिगत मुलाकातों और लगातार पत्राचार के माध्यम से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के समक्ष इस विषय को मजबूती से उठाया और उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेजों के लिए धन स्वीकृत हुआ, बल्कि चरणबद्ध रूप से स्थापित किए जाने वाले 157 नए मेडिकल कॉलेजों की सूची में डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर को भी शामिल करवाने में सफलता मिली।
आशीष शर्मा और विजय अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा हिमाचल प्रदेश में भाजपा द्वारा लाए गए विकास परियोजनाओं में अड़ंगा डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मेडिकल कॉलेज के विषय में लगातार झूठ बोलकर स्वयं ही बेनकाब हो चुके हैं। प्रदेश की जनता सच्चाई जानती है और विकास कार्यों के वास्तविक योगदानकर्ताओं को भी पहचानती है।


















