CBSE स्कूलों में लंबित शिक्षकों की भर्ती और किताबों की कमी के कारण हज़ारों छात्रों का भविष्य अधर में: SFI

शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :-  स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के 151 सरकारी स्कूलों को CBSE में बदलने के बाद पैदा हुए हालात को बेहद गंभीर बताया है।

 

SFI के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए लगभग तीन महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक इन स्कूलों में न तो सभी विद्यार्थियों को CBSE पाठ्यक्रम की किताबें उपलब्ध करवाई गई हैं।

 

और न ही नियमित शिक्षकों की नियुक्ति होने के कारण कक्षाएं सुचारु रूप से चल पा रही हैं। इससे हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनका भविष्य अधर में लटक गया है।

सरकार ने छात्रों और अभिभावकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का वादा किया था। इसी भरोसे के कारण इन स्कूलों में बच्चों के दाखिलों में 50% से 90% तक की वृद्धि हुई है।

 

अकेले मंडी जिले में ही लगभग 12,000 नए विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। इसके अलावा CBSE सब-कैडर भर्ती के लिए 11,294 शिक्षकों ने आवेदन किया तथा 9,828 शिक्षक स्क्रीनिंग टेस्ट में शामिल हुए।

SFI ने आरोप लगाया कि सरकार पारदर्शी मेरिट प्रक्रिया को दरकिनार कर अन्य स्कूलों से स्थानांतरण के माध्यम से चहेते शिक्षकों की नियुक्ति करने की तैयारी कर रही है। इस निर्णय का बड़े स्तर पर शिक्षकों द्वारा भी विरोध किया गया है, जिसके कारण नियुक्तियों में और अधिक देरी होने की आशंका है।

SFI ने कहा कि सरकार ने बिना पर्याप्त तैयारी के जल्दबाजी में 151 स्कूलों को CBSE में परिवर्तित कर दिया। न तो समय पर शिक्षकों की नियुक्ति की गई और न ही विद्यार्थियों के लिए CBSE की पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। शैक्षणिक सत्र शुरू होने के महीनों बाद भी हजारों छात्र किताबों के बिना पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यह सरकार की गंभीर लापरवाही है, जिसका सीधा नुकसान छात्रों की शिक्षा और भविष्य को हो रहा है।

SFI की मांगें:

1. स्क्रीनिंग टेस्ट की मेरिट के आधार पर सभी रिक्त पदों पर तुरंत नियमित शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
2. प्रदेश के सभी CBSE सरकारी स्कूलों में तत्काल CBSE पाठ्यक्रम की किताबें उपलब्ध करवाई जाएं।
3. सभी स्कूलों में नियमित कक्षाएं शीघ्र शुरू कर छात्रों की पढ़ाई सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाए।

SFI ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तुरंत मेरिट के आधार पर नियुक्तियां नहीं कीं, सभी विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध नहीं करवाईं और पढ़ाई को सुचारु नहीं किया, तो संगठन पूरे प्रदेश में व्यापक एवं उग्र आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।

राज्य अध्यक्ष: अनिल ठाकुर
राज्य सचिव: सनी सेक्टा

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