



हमीरपुर :- अंतर्राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) दिवस के उपलक्ष्य पर शनिवार को जिला उद्योग केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक डॉ ठाकुर भगत की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों और हमीरपुर के कई उद्यमियों ने भाग लिया।

स्थानीय उद्यमियों को दी विभिन्न स्वरोजगार और सब्सिडी योजनाओं की जानकारी



इस अवसर पर स्थानीय उद्यमियों को संबोधित करते हुए डॉ. ठाकुर भगत ने बताया कि भारत सहित विश्व के सभी देशों की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई का बहुत बड़ा योगदान रहता है और ये बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन भी करते हैं। इन उद्योगों के महत्व को देखते हुए ही संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2017 में 27 जून को अंतर्राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।






महाप्रबंधक ने बताया कि भारतीय कारोबार में लगभग 90 प्रतिशत योगदान इन्हीं उद्योगों का रहता है और रोजगार के 60 से 70 प्रतिशत तक अवसर इन्हीं उद्योगों के माध्यम से सृजित होते हैं।


डीआईसी के आर्थिक अन्वेषक प्रवेश कपूर, रेज़िंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉरमेंस (रैम्प) योजना के अधिकारी अश्वनी शर्मा और अन्य अधिकारियों ने भी उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।



कार्यक्रम में हमीरपुर उद्योग संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र मल्होत्रा, स्थानीय उद्यमी अशोक धमीजा और अन्य उद्यमी भी उपस्थित रहे।




















