डीसी की प्रेरणा से कुओं, बावड़ियों और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई की चली मुहिम

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  जिला हमीरपुर में प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने एक विशेष अभियान आरंभ किया है।

इस अभियान में पारंपरिक कुओं, तालाबों, बावड़ियों, खातरियों और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई की जा रही है।

 

इस कार्य में ग्राम पंचायतों के अलावा महिला मंडलों, युवक मंडलों और अन्य सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है।

उपायुक्त के इस आह्वान का जमीनी स्तर पर काफी असर देखने को मिल रहा है तथा इस सीजन में अभी तक जिले भर में लगभग 236 प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई की जा चुकी है।

 

उपायुक्त ने बताया कि जिला हमीरपुर में जल शक्ति विभाग के माध्यम से हर घर तक नल के माध्यम से पेयजल पहुंचाने का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है।

 

लेकिन, जिले के अधिकांश क्षेत्रों में कम वर्षा के कारण पानी की कमी की आशंका रहती है। इसलिए, जिला में पारंपरिक कुओं, तालाबों, बावड़ियांे, खातरियांे और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण एवं संवर्द्धन भी बहुत जरूरी है।

 

उपायुक्त ने कहा कि मॉनसून के सीजन में इन प्राकृतिक जलस्रोतों के प्रदूषित होने की आशंका रहती है, जिससे लोग जल जनित रोगों की चपेट में आ सकते हैं। इसी के मद्देनजर जिले भर में पारंपरिक प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया गया है।

 

उपायुक्त ने बताया कि फील्ड से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार अभी तक जिला में लगभग 236 प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई की जा चुकी है। इनमें 58 कुएं, 55 खातरियां, 112 बावड़ियां, 3 जल भंडारण टैंक, 5 तालाब और 3 हैंडपंप शामिल हैं।

 

उन्होंने जिला की सभी ग्राम पंचायतों, महिला मंडलों, युवक मंडलों, अन्य सामाजिक संगठनों और सभी जिलावासियों से अपने-अपने क्षेत्रों के प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई करने की अपील की है।

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