



कांगड़ा/विवेकानंद वशिष्ठ:- आलमपुर के जांगली गांव की आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटी आकृति शर्मा की स्वास्थ्य समस्या की जानकारी मिलने पर निस्वार्थ भाव सेवा संगठन के राज्य कार्यकारिणी सदस्य संजीव सोनी ने यह मामला डॉ. सुरिंदर सिंह डोगरा के समक्ष रखा। इसके बाद डॉ. डोगरा स्वयं आकृति के घर पहुंचे, स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक सभी चिकित्सीय परीक्षण करवाने का निर्णय लिया।

इंसानियत की मिसाल: निस्वार्थ भाव सेवा संगठन के साथ डॉ. सुरिंदर सिंह डोगरा ने जरूरतमंद बेटी आकृति शर्मा के उपचार का उठाया जिम्मा:




उन्होंने आकृति के उपचार के लिए दवाइयों सहित हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने तथा भविष्य में इलाज का आवश्यक खर्च भी वहन करने का आश्वासन दिया।






जरूरतमंद बेटी आकृति शर्मा के उपचार का जिम्मा उठाएंगे डॉ. सुरिंदर सिंह डोगरा



इस अवसर पर डॉ. सुरिंदर सिंह डोगरा ने कहा, “सेवा का कोई भूगोल नहीं होता। जहाँ पीड़ा पुकारती है, वहाँ पहुँचकर इंसानियत निभाना हर चिकित्सक का धर्म है।”




‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के संकल्प के साथ कार्य कर रहा निस्वार्थ भाव सेवा संगठन, सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री मोहन सिंह डोगरा के मार्गदर्शन में निरंतर जरूरतमंद लोगों तक सेवा और सहयोग पहुंचाने का कार्य कर रहा है।




















