



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- हिमाचल प्रदेश के युवाओं की असाधारण प्रतिभा का लोहा अब पूरी दुनिया मान रही है। इसी कड़ी में हमीरपुर जिले की नगर पंचायत भोटा की रहने वाली अर्शिता कानूनगो ने वैश्विक स्तर पर परचम लहराया है।


अर्शिता का चयन दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित टेक कंपनी गूगल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर हुआ है, जहां उन्हें 60 लाख रुपये का सालाना पैकेज ऑफर किया गया है। अर्शिता ने बेंगलुरु स्थित गूगल कार्यालय में अपनी सेवाएं भी शुरू कर दी हैं। उनकी इस स्वर्णिम सफलता से पूरे प्रदेश और विशेष रूप से उनके गृह क्षेत्र भोटा में जश्न का माहौल है।

गूगल जैसे वैश्विक मंच तक पहुँचने वाली अर्शिता कानूनगो की कामयाबी की मजबूत नींव भोटा के दिव्य आदर्श विद्या पब्लिक सीनियर सैकेंडरी स्कूल में रखी गई थी। अर्शिता इस स्कूल की नर्सरी कक्षा से लेकर 10वीं तक की बेहद होनहार छात्रा रही हैं। दसवीं की बोर्ड परीक्षा अर्शिता ने 700 में से 678 अंकों से साथ उत्तीर्ण की थी।
दिव्य आदर्श स्कूल भोटा ने पूर्व छात्रा अर्शिता को दी शुभकामनाएं
दिव्य आदर्श विद्या पब्लिक स्कूल, भोटा से 10वीं करने के बाद आर्शिता ने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई डीएवी पब्लिक स्कूल, हमीरपुर से की। इसके बाद देश के प्रतिष्ठित
कंचन भारद्वाज ने होनहार छात्रा की सफलता पर जताया गर्व
संस्थान राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर से कंप्यूटर साइंस/आईटी में बीटेक की डिग्री हासिल की। बीटेक के तुरंत बाद अर्शिता का चयन बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक जेपी मॉर्गन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में हुआ था। वहां कार्यभार संभालने के मात्र दो महीने बाद ही उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर गूगल की बेहद कठिन चयन प्रक्रिया को पास कर यह मुकाम हासिल किया।
अर्शिता के पिता रश्चिन देव हमीरपुर डाकघर में प्रधान डाकपाल के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता कल्पना गृहणी हैं। अर्शिता की बड़ी बहन चिकित्सा क्षेत्र में डेंटिस्ट के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। बेटी की इस उपलब्धि पर पूरा परिवार फूले नहीं समा रहा है।
अर्शिता ने सिर गर्व से ऊंचा किया

अर्शिता की इस सफलता पर दिव्य आदर्श विद्या पब्लिक स्कूल भोटा की सीएमडी कंचन भारद्वाज ने बेहद खुशी और गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने अर्शिता को बधाई देते हुए कहा कि अर्शिता हमारे स्कूल की एक अत्यंत अनुशासित, कुशाग्र और होनहार छात्रा रही हैं। बचपन से ही उनमें कुछ अलग और बड़ा करने की ललक साफ दिखाई देती थी।
आज उन्होंने गूगल जैसी दिग्गज कंपनी में स्थान पाकर न केवल अपने माता-पिता का, बल्कि दिव्य आदर्श स्कूल परिवार और पूरे हिमाचल प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। पूरा स्कूल परिवार उनके इस शानदार मुकाम पर गर्व महसूस कर रहा है। हम उनके उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य की मंगल कामना करते हैं।


































