



शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा आज विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रदेश के मुख्य मंत्री एवं शिक्षा मंत्री को चेतावनी देते हुए परिसर स्तर पर धरने के मंच से कहा गया है कि जो फ़ीस वृद्धि का फैसला हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा लिया गया है।

छात्र मांगो को लेकर परिसर में विद्यार्थी परिषद एक बार फिर आक्रोश में – अभाविप




यह फैसला आम छात्रों को लूटने की कोशिश की जा रही है जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति और प्रदेश के मुख्य एवं शिक्षा मंत्री जोरो शोरों से लगे हैं।






CMHP, EMHP, VCHPU का प्रदेश भर के छात्र कर रहे विरोध



इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि जो फ़ीस माइग्रेशन के लिये पहले 600 थी उसे अब 1300 करदिया गया है। स्पेशल एग्जाम फॉर्म की फीस पहले 20000 थी उसे अब 50000 कर दिया गया है। कुछ मास्टर पाठ्यक्रमों में लग भग साढ़े सात हजार 7500 तक की वृद्धि भी गई है।



डिजिटल पुस्तकालय का निर्माण जल्द करे विश्विद्यालय प्रशासन – अक्षय ठाकुर



जो डुप्लीकेड डिग्री की फीस 300 थी उसे बढ़ाकर 600 करदिया गया है। करेक्शन की फीस जहां 600 थी उसे 1200 कर दिया गया है। पर-पेपर एवं प्रैक्टिकल फ़ीस को 1800+200 तो कहीं 3000+800 कर दिया गया है।
इस तरह से मोटे गद्देदार कुर्सियों में बैठने वाले कुलपति, मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री को आम एवं गरीब छात्रों की कोई परवाह नहीं है केवल उन्हें लूटने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय जो कि हिमाचल का सबसे पहला राज्य विश्वविद्यालय भी है इसके अंदर अभी तक डिजिटल लाइब्रेरी नहीं है जिस कारण आधुनिकता के दौर में यह विश्वविद्यालय अन्य राज्य विश्वविद्यालय से पीछे छूटता जा रहा है।
विद्यार्थी परिषद ऐसा छात्र संगठन है जिसने सबसे पहले डिजिटल पुस्तकालय की मांग विश्विद्यालय में की है जिसके लिए अनेको ज्ञापन चाहें वो कुलपति को हो मुख्यमंत्री को हो माननीय राज्यपाल को हो या फिर कार्यकारी परिषद के सदस्यों को सौंपे हैं एवं घेराव किए हैं।

इस धरने में नए छात्रावासों के निर्माण के साथ साथ मौजूदा छात्रावासों के अंदर इल्लीगल एंट्रीज़ रोकने खाने की गुणवत्ता बढ़ाने एवं छात्रावासों में पुस्तकालय की सुविधा की मांग की है जो कि मूल भूत सुविधाओं में आती हैं।
साथ ही पार्किंग का निर्माण इनडोर स्टेडियम की मांग गैर शिक्षकों की भर्ती की मांग एवं केंद्रीय पुस्तकालय के प्रत्येक टेबल पर चार्जिंग प्वाइंट की मांग उठाई गई।
उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब विश्वविद्यालय में लगभग 8 बसें छात्रों की यातायात व्यवस्था के लिए उपलब्ध थी लेकिन वर्तमान समय में केवल 3 बसें रह गई हैं।
ओर जब उसकी मांग को लेकर कुलपति का दरवाज़ा खट खटाया जाता है तो बार बार वहां से झूठे वादे सुनने को मिलते हैं कि कुछ दिन में नई बसें आ जाएंगी। साथ ही केंद्रीय पुस्तकालय के शौचालय में पाइप लीकेज की वजह से वहां छात्रों को गन्दी बदबू में बैठकर पढ़ना पड़ रहा है जो कि उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हैं इसलिए उसका भी स्थाई समाधान किया जाए।
विद्यार्थी परिषद ने इस धरने के माध्यम से कुलपति हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार एवं शिक्षा मंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि अगर यह मांगे पूरी नहीं की गई तो सरकार का बुरा समय शुरू होने वाला है जब छात्र अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए हिमाचल प्रदेश की सड़कों में उतरेगा।

















