33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक को लेकर महिलाओं के गठबंधन ने किया प्रदर्शन

शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :-  आज 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक को लेकर महिलाओं के गठबंधन ने आज शिमला ,सिरमौर , कुल्लू और मण्डी में प्रदर्शन किया।

भारी बारिश के चलते महिलाओं ने। इस विधेयक को अभी चल रहे इसी मानसून सत्र मे लागू करने की मांग की और इस विधेयक को जनगणना और परिसीमन से अलग करने के सभी जिला में उपायुक्त के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपे गए और विभिन्न जिलों से लिए गए हस्ताक्षर अभियान को भी जमा किया गया।
शिमला जिला में राज्यपाल के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया और महिलाओं द्वारा लिय गए हस्ताक्षर भी जमा किए गए ।

शिमला में राज भवन तक जनवादी महिला समिति और यंग वूमेन क्रिश्चियन एसोसिएशन ( YWCA) की महिलाओं ने एक रैली का आयोजन किया ! राजभवन पंहुचने पर महिलाओं ने प्रदर्शन किया और 2 घंटे तक भारी बारिश में धरने का आयोजन किया ।

रैली को संबोधित करते हुए जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्ष रंजना जैरेट और महासचिव फालमा चौहान , जिला कार्यकारी अध्यक्ष रमा रावत, जिला शिमला की सचिव सोनिया शुभरवाल,यंग वूमेन क्रिश्चियन एसोसिएशन की रोहिणी और मीरा कुकरेजा ने संबोधित किया।

धरने को संबोधित करते हुए जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्ष ने कहा कि जब इस बिल को ससद में 2010 में पास किया गया था उस समय जिस तरह की टिप्पणियां विपक्षी पार्टी के लोगों ने की वह निंदनीय थी सरकार की मंशा ही नहीं है।

 

इस विधेयक को लागू करने की क्योंकि उनमें पुरुष प्रधानता और उनकी मनुवादी सोच उनको इस विधेयक को लागू करने की अनु मति नहीं देती है इसलिए सिर्फ महिलाओं का वोट लेने के लिय इन्होंने इस विधेयक को उलझा कर रख दिया है।

 

जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव फालमा चौहान ने कहा कि अगर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण होता तो आज संसद में 123 महिलाएं सांसद होती । विधानसभा में आज 23 महिलाएं चुनकर आती ।

 

बाकी सभी वक्ताओं ने इस विधेयक को लागू करने के लिए विधेयक जैसा है वैसा ही इसे लागू करे सभी संगठनों ने मंगली है कि इस विधेयक को केंद्र सरकार तुरंत लागू करें।

 

ने मांग की कि इस विधेयक को तुरंत परिसीमन और जनगणना से अलग करे और देश की आधी आबादी के लिय इस विधेयक को तुरंत लागू करो।

जारीकर्ता :- रंजना जरेट, फालमा चौहान, रमा रावत , सोनिया शुभरवाल, रोहिणी व अनुराधा

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