



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की हमीरपुर इकाई द्वारा आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महाविद्यालय, हमीरपुर में विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया।


इस दौरान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न शुल्कों में की गई फीस वृद्धि के मामलों को लेकर परिषद ने अपना विरोध दर्ज करवाते हुए छात्र हित में ठोस कदम उठाने की मांग की।




इकाई अध्यक्ष दीक्षित ठाकुर का कहना है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न शुल्कों में की गई बढ़ोतरी को विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया।







परिषद का कहना है कि इस प्रकार की फीस वृद्धि का सीधा प्रभाव प्रदेश के आम, मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों पर पड़ेगा।



शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है और आर्थिक परिस्थितियों के कारण किसी भी छात्र को उच्च शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए।




ABVP ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा माइग्रेशन फीस ₹600 से बढ़ाकर ₹1300 तथा स्पेशल एग्जाम फॉर्म फीस ₹20,000 से बढ़ाकर ₹50,000 की गई है।



इसके अतिरिक्त कुछ मास्टर पाठ्यक्रमों में ₹7,500 तक की फीस वृद्धि के साथ-साथ डुप्लीकेट डिग्री, करेक्शन फीस तथा प्रति-पेपर और प्रैक्टिकल फीस में भी बढ़ोतरी की गई है।

परिषद ने सवाल उठाया कि जब सरकार और विश्वविद्यालय शिक्षा को अधिक सुलभ और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाने की बात करते हैं, तो लगातार शुल्कों में वृद्धि कर विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ क्यों डाला जा रहा है?

परिषद ने मांग की कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा की गई फीस वृद्धि के फैसले पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए और विद्यार्थियों पर डाले गए अतिरिक्त आर्थिक बोझ को वापस लिया जाए।

ABVP ने स्पष्ट किया कि छात्र हितों से जुड़े किसी भी विषय पर परिषद चुप नहीं बैठेगी और विद्यार्थियों के अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।


वहीं, NEET परीक्षा में पेपर लीक के मामले को लेकर भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गहरी चिंता व्यक्त की। ABVP के मीडिया संयोजक जतिन ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं देश के लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य और उनकी मेहनत पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद पेपर लीक की घटनाओं का लगातार विरोध करती रही है और इस विषय को लेकर परिषद द्वारा संबंधित एजेंसी के कार्यालय का घेराव एवं विरोध प्रदर्शन भी किया गया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के दबाव और लगातार उठाई गई आवाज के बाद पेपर लीक से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गई, लेकिन ऐसी घटनाएं परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
ABVP ने मांग की कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े और प्रभावी नियम बनाए जाएं, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया कि फीस वृद्धि हो या पेपर लीक का मामला—विद्यार्थियों के हितों और उनके भविष्य से जुड़े हर मुद्दे पर परिषद अपनी आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।
इस मौके पर जिला संयोजक हर्ष चौहान जिला छात्रा का प्रमुख अलीशा धीमान सहित सैकड़ो कार्यकर्ता रहे।

















