आउटसोर्स कर्मी की मौत के बाद परिजनों का सहारा बनी ईएसआईसी की पेंशन

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में पंजीकरण किसी भी आम वर्कर या कर्मचारी के लिए बहुत बड़ा सहारा साबित हो सकता है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन ईएसआईसी की हमीरपुर शाखा के प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 लागू होने के बाद अब मजदूरी की परिभाषा में बदलाव आया है, जिससे कई और श्रेणियों के कर्मचारी या कामगार अब ईएसआईसी के दायरे में आ सकते हैं।

ईएसआईसी में पंजीकरण करवाने के कारण मिला लाभ

 

सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के नियमों के अनुसार अब किसी भी कर्मचारी को काम पर रखने से पहले या उसी दिन उसका ईएसआईसी पंजीकरण अनिवार्य है। बीमार या अपंग होने पर कर्मचारी को ईएसआईसी की ओर से कई लाभ प्रदान किए जाते हैं। मातृत्व हित लाभ और कई अन्य नकद लाभ भी ईएसआईसी द्वारा प्रदान किए जा रहे हैं। कर्मचारी की मृत्य होने पर परिजनों के लिए पेंशन का भी प्रावधान किया गया है।

किसी भी कर्मचारी को काम पर रखने से पहले या उसी दिन होना चाहिए ईएसआई पंजीकरण

अमित कुमार ने बताया कि इसी तरह के एक मामले में ईएसआईसी ने एनआईटी में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत एक कर्मचारी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर उसके परिजनोें को पेंशन की सुविधा प्रदान की है। ईएसआईसी की हमीरपुर शाखा के अधिकारियों ने शुक्रवार को स्वर्गीय राकेश कुमार के परिवार को पेंशन के दस्तावेज प्रदान किए।

अमित कुमार ने बताया कि राकेश कुमार मैसर्स आरके एंड कंपनी के माध्यम से एनआईटी में तैनात थे। इसी वर्ष 17 फरवरी को वह एनआईटी से घर जाते समय सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और दिनांक 21 फरवरी को उनका निधन हो गया था। ईएसआईसी में पंजीकरण के कारण राकेश कुमार के परिजनों को पेंशन सुविधा प्रदान की गई है।

अमित कुुमार ने बताया कि इससे पहले भी एनआईटी के अन्य आउटसोर्स कर्मचारी अजय की कार्य के दौरान मृत्यु हो गई थी और ईएसआईसी की हमीरपुर शाखा के माध्यम से अजय के परिजनों को प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।

एनआईटी में आउटसोर्स आधार पर तैनात कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके परिजनों को पेंशन सुविधा के दस्तावेज प्रदान करते ईएसआईसी के अधिकारी।

 

 

 

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