“गुड़िया कांड” में सच बोलने की मिल रही सजा: दिनेश शर्मा

शिमला:-  प्रदेश के बहुचर्चित गुड़िया रेप एवं मर्डर केस में बड़ा मोड़ सामने आया है। कस्टोडियल डेथ मामले में अहम गवाह रहे कॉन्स्टेबल दिनेश शर्मा के निलंबन (सस्पेंड) के बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

डेढ़ महीने में 5 बार बदला ट्रांसफर, फिर किया निलंबित”-

शिमला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निलंबित कॉन्स्टेबल दिनेश शर्मा के भाई सुरेश शांडिल्य और उनकी माँ ने मीडिया के सामने पुलिस विभाग के आला अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया।

कस्टोडियल डे.थ केस के अहम गवाह कॉन्स्टेबल के परिजनों का DGP, SP पर आरोप

परिजनों का कहना है कि गुड़िया कांड में सीबीआई कोर्ट के सामने सच बोलने और तत्कालीन आईजी समेत 8 अधिकारियों को सजा दिलाने में अहम गवाही देने की वजह से दिनेश को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।

 

परिवार का दावा है कि महज डेढ़ महीने के भीतर उनका 5 बार तबादला किया गया और जब उन्होंने अपने दिव्यांग बच्चे की देखभाल का हवाला देकर तबादला रोकने का अनुरोध किया, तो उन्हें निलंबित कर दिया गया।

 

दूसरी ओर, शिमला पुलिस विभाग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी सफाई दी है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, कॉन्स्टेबल दिनेश शर्मा के खिलाफ स्थानीय लोगों से अभद्र व्यवहार, झूठे केस में फंसाने की धमकी और विभागीय आदेशों की बार-बार अवहेलना करने की शिकायतें मिली थीं।

 

विभाग का कहना है कि उन्हें पहले भी कई मौके दिए गए, लेकिन अनुशासनहीन आचरण और ड्यूटी पर समय से रिपोर्ट न करने के कारण उन्हें नियमानुसार निलंबित कर निष्पक्ष विभागीय जांच शुरू की गई है।

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