



शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि भारतीय सेना की अग्निवीर (GD) भर्ती-2026 प्रक्रिया में हिमाचल प्रदेश के एक अभ्यर्थी के साथ संभावित प्रशासनिक त्रुटि के मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए भारतीय सेना के भर्ती अधिकारियों से तत्काल निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।

एसएफआई राज्य कमेटी के अध्यक्ष अनिल ठाकुर तथा राज्य सचिव सन्नी सेक्टा ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि चंबा जिला के निवासी श्री प्रमोद कुमार, पुत्र श्री सिंह ने अग्निवीर भर्ती-2026 के अंतर्गत अग्निवीर (जनरल ड्यूटी – GD) तथा अग्निवीर (ट्रेड्समैन) दोनों श्रेणियों के लिए विधिवत आवेदन किया था। अग्निवीर (GD) के लिए उन्हें रोल नंबर 102545 तथा अग्निवीर (ट्रेड्समैन) के लिए रोल नंबर 112209 आवंटित किए गए थे। दोनों परीक्षाओं के प्रवेश-पत्र Director General of Recruiting (CBT), ARO पालमपुर एवं ZRO अंबाला द्वारा जारी किए गए थे।
प्रमोद कुमार ने दिनांक 01 जून 2026 को सायं 5:30 बजे से 6:30 बजे तक Rainbow International School, Sports Complex, नगरोटा बगवां, जिला कांगड़ा स्थित परीक्षा केंद्र में रोल नंबर 102545 के आधार पर अग्निवीर (GD) की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) दी। इसके अतिरिक्त उन्होंने दिनांक 02 जून 2026 को द्वितीय पाली में रोल नंबर 112209 के आधार पर अग्निवीर (ट्रेड्समैन) की CBT परीक्षा भी दी।



दिनांक 09 जुलाई 2026 को घोषित परिणाम के उपरांत उन्हें ई-मेल के माध्यम से सूचित किया गया कि वे अग्निवीर (ट्रेड्समैन) के लिए चयनित नहीं हुए हैं। वहीं उसी दिन प्राप्त एक अन्य आधिकारिक ई-मेल में उन्हें सूचित किया गया कि वे अग्निवीर (GD) के लिए रोल नंबर 102545 के आधार पर Recruitment Rally के Screening चरण हेतु Shortlisted हुए हैं तथा उन्हें आगे की सूचना एवं प्रवेश-पत्र के लिए अपने प्रोफ़ाइल एवं पंजीकृत ई-मेल की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए।






बाद में जब उन्हें जानकारी मिली कि भर्ती रैली 08 एवं 09 अगस्त 2026 को आयोजित की जानी है, तो उन्होंने प्रवेश-पत्र डाउनलोड करने का प्रयास किया, किंतु प्रवेश-पत्र उपलब्ध नहीं हुआ।


इस संबंध में वे 25 जुलाई 2026 को Army Recruiting Office (ARO), पालमपुर भी पहुंचे, जहाँ उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। उन्हें यह बताया गया कि रोल नंबर 102545 के विरुद्ध भर्ती रैली का प्रवेश-पत्र किसी अन्य अभ्यर्थी के नाम से जारी कर दिया गया है।



एसएफआई ने कहा कि यदि उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार रोल नंबर 102545 भारतीय सेना द्वारा स्वयं प्रमोद कुमार को आवंटित किया गया था, उन्होंने उसी रोल नंबर पर निर्धारित परीक्षा केंद्र में CBT परीक्षा दी, और उसी रोल नंबर के आधार पर उन्हें आधिकारिक रूप से Screening के लिए Shortlist किए जाने का ई-मेल भी प्राप्त हुआ, तो यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि उसी रोल नंबर के आधार पर किसी अन्य अभ्यर्थी को भर्ती रैली का प्रवेश-पत्र किस आधार पर जारी किया गया। यदि ऐसा हुआ है, तो यह अत्यंत गंभीर प्रशासनिक त्रुटि का विषय है, जिसकी


निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
एसएफआई का मानना है कि भारतीय सेना की भर्ती प्रक्रिया देश की सबसे विश्वसनीय एवं पारदर्शी प्रक्रियाओं में से एक मानी जाती है। ऐसे में यदि किसी तकनीकी अथवा प्रशासनिक त्रुटि के कारण किसी योग्य अभ्यर्थी का भविष्य प्रभावित होता है, तो उसका समयबद्ध समाधान किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
एसएफआई हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी भारतीय सेना के भर्ती अधिकारियों से निम्नलिखित मांग करती है—
1. रोल नंबर 102545 से संबंधित संपूर्ण रिकॉर्ड की तत्काल जांच की जाए।
2. यह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए कि दिनांक 01 जून 2026, समय सायं 5:30 बजे से 6:30 बजे, Rainbow International School, Sports Complex, नगरोटा बगवां, जिला कांगड़ा में आयोजित CBT परीक्षा में उक्त रोल नंबर के आधार पर किस अभ्यर्थी ने परीक्षा दी थी।
3. परीक्षा केंद्र के CBT लॉग, उपस्थिति रिकॉर्ड, बायोमेट्रिक सत्यापन, फोटोग्राफ एवं अन्य डिजिटल अभिलेखों का परीक्षण कर वास्तविक अभ्यर्थी की पहचान सुनिश्चित की जाए।

4. यदि जांच में यह स्थापित होता है कि प्रमोद कुमार ने ही उक्त रोल नंबर के आधार पर परीक्षा दी थी तथा वे विधिवत Screening के लिए Shortlisted हुए थे, तो उन्हें तत्काल भर्ती रैली में भाग लेने हेतु प्रवेश-पत्र (Admit Card) जारी किया जाए और उन्हें उनके वैध अवसर से वंचित न किया जाए।
5. यदि जांच में किसी प्रशासनिक अथवा तकनीकी त्रुटि की पुष्टि होती है, तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएँ।
एसएफआई ने कहा कि यह केवल एक अभ्यर्थी का मामला नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता से जुड़ा प्रश्न है। संगठन को विश्वास है कि भारतीय सेना के सक्षम अधिकारी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करेंगे, तथ्यात्मक जांच कराएंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी अभ्यर्थी के साथ प्रशासनिक त्रुटि के कारण अन्याय न हो।

















