



कांगू/सतीश धीमान:- चिलवाहल मार्ग पर हाल ही में बेसहारा अवस्था में पड़ी एक बीमार गाय को समय पर चिकित्सा सहायता पहुँचाकर नया जीवन दिया गया।

1100 पर सूचना मिलते ही हरकत में आया पशु पालन विभाग



गाड़ी दुर्घटना की जताई जा रही थी आशंका प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब दो स्थानीय नागरिक—सतीश कुमार एवं तिलक राज—गाड़ी से चिलवाह की तरफ जा रहे थे, तब उन्होंने रास्ते में एक गाय को अस्वस्थ एवं लाचार स्थिति में पड़ा देखा।






प्रथम दृष्टया उन्हें लगा कि गाय किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हुई है, जिसे रात के अंधेरे में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा वहीं छोड़ दिया गया था।


1100 नंबर पर सूचना के बाद त्वरित कार्रवाई
सतीश धीमान ने तुरंत 1100 (हेल्पलाइन) पर संपर्क कर शासन व संबंधित विभाग को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही पशु पालन विभाग तुरंत हरकत में आया।



पशु चिकित्सक डॉ. पंकज लखनपाल ने बिना देरी किए अपने फार्मासिस्ट सतीश कुमार को मात्र आधे घंटे के भीतर घटनास्थल पर रवाना कर दिया।


जांच में दुर्घटना नहीं, संक्रमण की बात आई सामने
मौके पर पहुँचे फार्मासिस्ट सतीश कुमार ने स्थानीय निवासी जसवंत कुमार सूचित करने वाले सतीश धीमान व सचिन शर्मा के सहयोग से गाय का इलाज शुरू किया।
प्राथमिक जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यह मामला किसी गाड़ी से हुई दुर्घटना का नहीं है, बल्कि गाय के शरीर पर घाव (कीड़े पड़ने) के कारण संक्रमण फैल गया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ी थी।
सूचना मिलने पर दगड़ी पंचायत के उपप्रधान अशोक कुमार भी मौके पर पहुँच गए और राहत कार्य का जायज़ा लिया।
इलाज के बाद सुरक्षित स्थान पर बाँधा गया स्थानीय लोगों की मदद से गाय का प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे पास के ही एक घर में सुरक्षित बाँध दिया गया है।

डॉ. पंकज लखनपाल ने आश्वस्त किया है कि जब तक गाय पूरी तरह स्वस्थ और ठीक नहीं हो जाती, तब तक उसका नियमित इलाज और देखभाल जारी रहेगी।
1100 पर सूचना मिलते ही हरकत में आया पशु पालन विभाग
चिलवाहल मार्ग पर हाल ही में बेसहारा अवस्था में पड़ी एक बीमार गाय को समय पर चिकित्सा सहायता पहुँचाकर नया जीवन दिया गया।
गाड़ी दुर्घटना की जताई जा रही थी आशंका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब दो स्थानीय नागरिक—सतीश कुमार एवं तिलक राज—गाड़ी से चिलवाह की तरफ जा रहे थे, तब उन्होंने रास्ते में एक गाय को अस्वस्थ एवं लाचार स्थिति में पड़ा देखा।
प्रथम दृष्टया उन्हें लगा कि गाय किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हुई है, जिसे रात के अंधेरे में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा वहीं छोड़ दिया गया था।
1100 नंबर पर सूचना के बाद त्वरित कार्रवाई
सतीश धीमान ने तुरंत 1100 (हेल्पलाइन) पर संपर्क कर शासन व संबंधित विभाग को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही पशु पालन विभाग तुरंत हरकत में आया।
पशु चिकित्सक डॉ. पंकज लखनपाल ने बिना देरी किए अपने फार्मासिस्ट सतीश कुमार को मात्र आधे घंटे के भीतर घटनास्थल पर रवाना कर दिया।
जांच में दुर्घटना नहीं, संक्रमण की बात आई सामने
मौके पर पहुँचे फार्मासिस्ट सतीश कुमार ने स्थानीय निवासी जसवंत कुमार सूचित करने वाले सतीश धीमान व सचिन शर्मा के सहयोग से गाय का इलाज शुरू किया।
प्राथमिक जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यह मामला किसी गाड़ी से हुई दुर्घटना का नहीं है, बल्कि गाय के शरीर पर घाव (कीड़े पड़ने) के कारण संक्रमण फैल गया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ी थी।
सूचना मिलने पर दगड़ी पंचायत के उपप्रधान अशोक कुमार भी मौके पर पहुँच गए और राहत कार्य का जायज़ा लिया।
इलाज के बाद सुरक्षित स्थान पर बाँधा गया
स्थानीय लोगों की मदद से गाय का प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे पास के ही एक घर में सुरक्षित बाँध दिया गया है।
डॉ. पंकज लखनपाल ने आश्वस्त किया है कि जब तक गाय पूरी तरह स्वस्थ और ठीक नहीं हो जाती, तब तक उसका नियमित इलाज और देखभाल जारी रहेगी।

















