मजदूरों, किसानों के संगठनों के संयुक्त आह्वान पर जोरदार विरोध किया प्रदर्शन: सीटू

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :-   उल्लेखनीय है कि 9 अगस्त 1942 को अंग्रेजो भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत हुई थी विदेशी ताकतों ने भारत की जनता को शोषण के जरिए बदहाली की स्थिति में ला दिया था और लोगों का गुस्सा चरम पर था।

 

उसी पृष्ठभूमि में ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत हुई थी वर्तमान समय में केंद्र की मोदी सरकार ने भी देश की जनता देश के मजदूरों और किसानों को बदहाली की स्थिति में पहुंचा दिया है l

देश के मजदूरों ने आज़ादी से पहले और आज़ादी के बाद लंबे संघर्ष और बलिदान के बल पर जिन श्रम कानूनों को बनवाया था उन्हें मोदी सरकार ने खत्म करके मजदूरों को गुलाम बनाने और कॉर्पोरेट जगत को मजदूरों का शोषण करने के लिए समाप्त करके नयी श्रम संहिताओं को बनाया है जिन्हें देश के लिए मजदूर किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे l

 


इन श्रम संहिताओं में समय की अवधि आठ घंटे से बढ़ाकर बारह घंटे कर दी गई है मजदूरों के यूनियन बनाने और आवाज़ उठाने के अधिकारों को कुचला गया है अगर मजदूर अपनी मांगों के लिए हड़ताल करते हैं तो उन पर जुर्माना और सजाओं का प्रावधान किया गया है।

 

जबकि मालिकों के खिलाफ किसी भी तरह के आपराधिक मामले बनाने के प्रावधान को ही समाप्त कर दिया गया है जिसका संदेश साफ़ है कि मोदी सरकार देश के मजदूरों को अपने कॉर्पोरेट मित्रों का गुलाम बनाने पर आमादा है l

 

जब से मोदी की सरकार बनी है तब मिड डे मील वर्कर्स का वेतन में बढौतरी नहीं की गई है और अब तो कई कई माह से केंद्र सरकार का हिस्सा भी वर्कर्स को नहीं मिल रहा है यही हाल आंगनबाड़ी वर्कर्स का है पांच – छह महीनों तक केंद्र का वेतन नहीं मिल रहा है जिससे मजदूरों में भारी रोष है l

 

मोदी सरकार ने विदेशी ताकतों के आगे घुटने टेक दिए हैं और अब उन्हीं के इशारों पर काम कर रही है और उसी कड़ी में देश की खेती के बाजार को विदेशी कॉर्पोरेट जगत के हवाले करने के लिए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया गया है।

 

जिसका देश के किसान पुरजोर विरोध कर रहे हैं l
आज के प्रदर्शन को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर ठाकुर, जिला सचिव जोगिंदर कुमार, कुलदीप खरबाड़ा,रंजन शर्मा ने संबोधित किया l

 

तदुपरांत जिलाधीश के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जिसमें जिसमें निम्नलिखित मांगों को उठाया गया :-
नयी चार श्रम संहिताओं को निरस्त करो
आंगनबाड़ी वर्कर्स और मिड डे मील वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित करो
मजदूरों को न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये करो
मनरेगा को बहाल करो
फिक्स टर्म रोजगार खत्म करो सबको स्थाई रोजगार दो
किसान विरोधी भारत अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करो
स्मार्ट मीटर लगाना बंद करो

 

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