फीस वृद्धि, नई समय-सारणी के विरोध में और SCA चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर लॉ फैकल्टी में छात्रों का प्रदर्शन

शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :-  हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में लगातार बढ़ाई जा रही फीस, विश्वविद्यालय की विभिन्न फैकल्टियों में लागू की गई नई समय-सारणी तथा छात्र संघ चुनाव (SCA) बहाल करने की मांग को लेकर आज लॉ फैकल्टी में छात्रों द्वारा प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), HPU इकाई के नेतृत्व में किया गया।

 

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कॉमरेड रोहित ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में लगातार फीस बढ़ाकर शिक्षा को आम विद्यार्थियों की पहुंच से दूर किया जा रहा है। अकादमिक फीस के साथ-साथ परीक्षा शुल्क, हॉस्टल फीस, बस किराया, थीसिस सबमिशन फीस सहित विभिन्न मदों में शुल्क बढ़ाया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एक सार्वजनिक शिक्षण संस्थान है और यहां शिक्षा को महंगा करने के बजाय सभी विद्यार्थियों के लिए सुलभ और किफायती बनाया जाना चाहिए। लगातार फीस वृद्धि का सबसे ज्यादा असर गरीब और सामान्य परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों पर पड़ रहा है।

कॉमरेड पोविंदर ने नई समय-सारणी का विरोध करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लागू की गई नई टाइम टेबल व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

उन्होंने कहा कि लगातार कक्षाओं और व्यस्त शेड्यूल के कारण विद्यार्थियों को स्वयं अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। विशेषकर लॉ के विद्यार्थियों के लिए कक्षाओं के अलावा केस लॉ, किताबों, असाइनमेंट और अन्य अध्ययन सामग्री को पढ़ने के लिए पर्याप्त समय आवश्यक है। लेकिन नई समय-सारणी के कारण विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को पूरी तरह से समय नहीं दे पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों पर अपनी व्यवस्था थोपने के बजाय छात्रों की शैक्षणिक जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखकर समय-सारणी तैयार करनी चाहिए। नई समय-सारणी को तत्काल पुनः विचार के लिए रखा जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे विद्यार्थियों को कक्षा के साथ-साथ स्व-अध्ययन के लिए भी पर्याप्त समय मिल सके।

वक्ताओं ने *SCA चुनाव बहाल करने* की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक आवाज और प्रतिनिधित्व का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। छात्रों से जुड़े फैसलों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए SCA चुनाव को तत्काल बहाल किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र संघ चुनावों को बहाल न करना विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास है।

SFI HPU इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि *फीस वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए, नई समय-सारणी को विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों के अनुसार संशोधित किया जाए तथा SCA चुनाव तत्काल बहाल किए जाएं।*

SFI ने स्पष्ट किया कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो छात्र समुदाय को लामबंद करते हुए आंदोलन को और तेज किया जाएगा। विद्यार्थियों के शिक्षा के अधिकार, लोकतांत्रिक अधिकार और विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए SFI लगातार संघर्ष करता रहेगा।

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