चंद सेकंड में ढहा था 4 मंजिला मकान, NHAI व निर्माण कंपनी को देना होगा 2.23 करोड़ का मुआवजा

शिमला:-  शिमला बाईपास पर फोरलेन सड़क के निर्माण के दौरान एक बहुमंजिला मकान के चंद सेकंड में ढह जाने पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। चमियाणा में रंजना देवी का चार मंजिला मकान गिरने के मामले में हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और निर्माण कंपनी गावड़ शिमला हाईवे प्राइवेट लिमिटेड को चार सप्ताह के भीतर मुआवजा देने का आदेश दिया है।

 

अदालत ने रंजना देवी के मकान और उसमें रखे सामान के नुकसान का कुल आकलन 2 करोड़ 23 लाख 55 हजार 924 रुपये किया है। इस पूरी राशि का आधा-आधा हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और निर्माण कंपनी को देना होगा। यह मामला अदालत के सामने स्वतः संज्ञान वाली जनहित याचिका के रूप में आया है।

 

हाईकोर्ट ने कहा- फोरलेन निर्माण की जिम्मेदारी से हाथ नहीं झाड़ सकता राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण

-#मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने कहा कि शिमला बाईपास पर बन रहे फोरलेन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की है और वह इस जिम्मेदारी से अपना पल्ला नहीं झाड़ सकता।

 

अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि निर्माण के लिए पहाड़ की कटिंग सही तरीके से और उचित निगरानी में की जा रही थी या नहीं, क्योंकि इसी दौरान चार मंजिला इमारत कुछ ही सेकंड में ढह गई।

 

अदालत के सामने रखे आकलन के अनुसार रंजना देवी के भवन की कीमत 1 करोड़ 65 लाख 17 हजार 336 रुपये है, जबकि उसमें रखे सामान का मूल्य 58 लाख 38 हजार 588 रुपये आंका गया है। दोनों को मिलाकर नुकसान 2 करोड़ 23 लाख 55 हजार 924 रुपये है।

 

अदालत ने कहा कि नुकसान का आकलन पिछले साल जुलाई में ही हो गया था, इसके बावजूद रंजना देवी को अब तक निर्माण कंपनी या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से एक पैसा नहीं दिया गया। अब दोनों को चार सप्ताह के भीतर 1 करोड़ 11 लाख 77 हजार 962 रुपये-रुपये देने होंगे।

 

पड़ोसी का मकान भी हुआ असुरक्षित, राज्य सरकार को नुकसान का आकलन कराने के आदेश

-#मामला चंदा देवी की ओर से मिले एक पत्र के बाद सामने आया। चांदा देवी ने खुद को साढ़े तीन मंजिला भवन की मालिक बताते हुए कहा था कि रंजना देवी के साथ लगते मकान के गिरने से उनका भवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ और अब असुरक्षित हो गया है।

 

यह भवन चमियाणा में उस स्थान पर है, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या पांच से शिमला बाईपास की ओर आने वाली फोरलेन सड़क का निर्माण हो रहा है। यह काम शिमला बाईपास के दूसरे पैकेज में चल रहा है और इसका निर्माण गावड़ शिमला हाईवे प्राइवेट लिमिटेड कर रही है।

 

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चांदा देवी के असुरक्षित भवन के मूल्य का भी तय प्रक्रिया के अनुसार आकलन कराने का आदेश दिया है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 8 जून 2022 को अधिसूचित समिति की मदद ली जाएगी।

 

यह समिति सड़क के लिए निर्धारित सीमा से बाहर निजी जमीन और भवनों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए बनाई गई थी। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 सितंबर 2026 की तारीख तय की है।

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