



शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परिसर में पुस्तकालय के बाहर एक सामूहिक तौर पर शव प्रदर्शन किया गया।

लोकतांत्रिक अधिकार छात्र संघ चुनाव बहाल करे प्रदेश सरकार – अक्षय ठाकुर



यह शव प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के द्वारा की गई फीस वृद्धि एवं झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों पर की गई लाठी चार्ज के खिलाफ एवं छात्र संघ चुनाव के बहाली की मांग को लेकर किया गया।






फ़ीस वृद्धि के निर्णय को वापिस ले विश्वविद्यालय प्रशासन – अक्षय ठाकुर


इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर जी ने बयान जारी करते हुए कहा की हिमाचल प्रदेश विद्यालय में विद्यार्थी परिषद 10 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल में बैठा है इससे पहले भी 28 मार्च जब यह फीस विधि का निर्णय लिया गया तो उसके अगले दिन से ही विद्यार्थी परिषद ने इस निर्णय के खिलाफ ज्ञापन घेराव और धरना प्रदर्शन के माध्यम से अपना विरोध प्रकट किया है परंतु प्रशासन का कोई सकारात्मक कदम इसमें नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि आज छात्र जो है अपने हकों के लिए सड़कों में उतरकर चींख – चींख कर अपने हक के लिए नारे लगा रहा है। उन्होंने कहा की कई पाठ्यक्रमों में 25% कई में 27% कई में 147 प्रतिशत और प्रशासनिक कामों में 100% से 150% प्रतिशत तक की फीस वृद्धि की गई है जिसका जोरदार विरोध विद्यार्थी परिषद करता है।



विद्यार्थी परिषद का कहना है की विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को लूटने का काम कर रहा है गरीब छात्र की जेबों को खदेड़ने का काम कर रहा है। छात्रावास में फीस वृद्धि की गई है, बस के किराए में फीस वृद्धि की गई है। हर चीज में फीस विधि की गई है जिसका विरोध विद्यार्थी परिषद करता है। विश्वविद्यालय में न तो छात्रावासों की अच्छी सुविधा है। प्रत्येक छात्र के लिए छात्रावास की सुविधा नहीं है। केवल चार बसें ही विश्वविद्यालय में है परंतु फिर भी यह मूलभूत सुविधाएं न होने के बाद भी छात्रों को लूटना उचित नहीं है।


उन्होंने कहा की झारखंड में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठी चार्ज की कड़ी निंदा विद्यार्थी परिषद करता है। छात्र जो है शांतिप्रिय तरीके से अपना आंदोलन कर रहे हैं परंतु फिर भी उनके ऊपर लाठी चार्ज करना उचित नहीं है। विद्यार्थी परिषद झारखंड सरकार के इस रवैया की सख्त निंदा करता है।
विद्यार्थी परिषद ने यह मांग की है की छात्र संघ चुनाव को जल्द से जल्द बहाल किया जाए ताकि छात्रों के बीच से एक अच्छे प्रतिनिधि को चुना जा सके और प्रशासन के सामने छात्रों की आवाज बनकर भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद की क्रमिक भूख हड़ताल के नौवे दिन को अभाविप हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के कार्यकर्ता रितेश भागटा और रिया ने खत्म किया और 10 में दिन को इकाई के कार्यकर्ता दिव्यांशु कश्यप एवं रवीना ने जारी किया।
मांगे –
1) फ़ीस वृद्धि के फैसले को वापिस लिया जाए।
1.1) रनिंग सेमेस्टर की फीसों में बढ़ोत्तरी न की जाए।
1.2) नॉन सब्सिडाइज्ड सीटों में फीस बढ़ोतरी न की जाए बल्कि सीटों की बढ़ोतरी की जाए।
1.3) सब्सिडाइज्ड सीटों में 5 प्रतिशत से ज्यादा फ़ीस वृद्धि न की जाए।
1.4) एग्जाम एवं RME जैसे प्रशासनिक कार्यों में फीसों में 8 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि न की जाए।
1.5) जिन छात्रों द्वारा फ़ीस जमा करवा दी गई है उनकी फीसों को रिफंड किया जाए या अगले सेमेस्टर में काट लिया जाए।
2) छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं।

विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि जब तक यह मांगे पूरी नहीं होती तब तक क्रमिक भूख हड़ताल को जारी रखा जाएगा और आंदोलन का एक व्यापक एवं उग्र रूप प्रशासन एवं सरकार को देखने को मिलेगा।

















