



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार पर भर्तियों के लिए परीक्षाएँ आयोजित न करवाने का आरोप लगाया है।

डॉ. वर्मा ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे नेता को तथ्यहीन बयान देकर प्रदेश के युवाओं को भ्रमित नहीं करना चाहिए।



उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग द्वारा विभिन्न पदों की भर्ती के लिए कंप्यूटर आधारित 100 के करीब परीक्षाएँ आयोजित की गई हैं और अनेक परीक्षाओं के परिणाम भी घोषित किए जा चुके हैं।






हजारों युवा पक्की 58 साल वाली नौकरी ज्वाइन भी कर चुके हैं और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती परीक्षाओं, उत्तर कुंजियों और परिणामों से संबंधित जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।


इसके बावजूद यह कहना कि सरकार ने कोई परीक्षा ही नहीं करवाई, वास्तविकता से परे और युवाओं को गुमराह करने वाला बयान है।



डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की दूरदर्शी सोच के कारण प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।


हिमाचल देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जहां सरकारी नौकरियों के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं। अब राज्य चयन आयोग टैबलेट आधारित टेस्ट यानी TBT की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
अंडमान एवं निकोबार के बाद इस आधुनिक परीक्षा प्रणाली को अपनाने वाला हिमाचल प्रदेश पूरे देश में दूसरा राज्य बनने जा रहा है जो गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भर्ती व्यवस्था में सामने आई अनियमितताओं के बाद वर्तमान सरकार ने युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए नई, पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था स्थापित की है।
भाजपा नेताओं को इस सुधार का स्वागत करना चाहिए, लेकिन वे राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर रहे हैं।

डॉ. वर्मा ने कहा, “डॉ. बिंदल भाजपा के मनोनीत प्रदेशाध्यक्ष हैं, लेकिन प्रदेश भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है और उनकी हालत “खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे” जैसी हो गई है।
पार्टी के अलग-अलग पांच गुट अपने-अपने नेता को आगे बढ़ाने में लगे हैं। संभवतः इसी राजनीतिक दबाव के कारण डॉ. बिंदल समय-समय पर सरकार के विरुद्ध आधारहीन बयान देकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने का प्रयास करते हैं।”
उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष से अपेक्षा है कि वह सार्वजनिक बयान देने से पहले तथ्यों की पुष्टि करें। राजनीतिक विरोध करना उनका अधिकार है, लेकिन प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के भविष्य जैसे गंभीर विषय पर भ्रामक बयानबाजी करना उचित नहीं है।
डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार पारदर्शी भर्ती, आधुनिक परीक्षा प्रणाली और योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. बिंदल को राजनीतिक मजबूरियों से ऊपर उठकर तथ्यात्मक और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।

















