



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- भगेटू गांव में शिव मंदिर के समीप एक भारी पेड़ तथा उसके साथ मिट्टी गिरने से सड़क मार्ग अचानक बंद हो गया। इस मार्ग से प्रतिदिन कई स्कूल बसों सहित स्थानीय वाहनों की आवाजाही होती है।

गनीमत रही कि घटना के कुछ समय पहले ही एक स्कूल बस वहां से गुजर चुकी थी, जिसके चलते एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई।



जैसे ही इस घटना की जानकारी जिला दिव्यांग समीक्षा समिति के सदस्य राजन कुमार को मिली, उन्होंने तुरंत मौके की स्थिति का संज्ञान लेते हुए रास्ते को शीघ्र सुचारू करवाने के प्रयास शुरू किए, ताकि स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और अन्य वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।






राजन कुमार के प्रयासों के बाद गांव के युवाओं ने आगे बढ़कर श्रमदान करते हुए रास्ता खोलने का बीड़ा उठाया। इस कार्य में मुख्य रूप से अतुल ठाकुर, सेवानिवृत्त सूबेदार महेंद्र सिंह तथा मुख्तियार सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


उन्होंने अपने स्तर पर आरा लाकर पेड़ को काटकर सड़क से हटाया। इसके अलावा गांव के अन्य युवा साथियों ने भी मिलकर पेड़ और रास्ते में गिरे मलबे को हटाने में सहयोग दिया।



ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास और श्रमदान से मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है तथा सड़क यातायात सुचारू रूप से बहाल हो गया है।


इस अवसर पर राजन कुमार ने कहा कि गांव की समस्याओं के समाधान के लिए केवल प्रशासन पर निर्भर रहने के बजाय सामूहिक सहभागिता और आपसी सहयोग भी बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने श्रमदान करने वाले सभी युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में ग्रामीण युवाओं ने जिस एकजुटता और जिम्मेदारी का परिचय दिया है, वह पूरे गांव के लिए प्रेरणादायक है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में सड़क किनारे ऐसे पेड़ों का भी निरीक्षण करवाया जाए जो भविष्य में राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहनों के लिए खतरा बन सकते हैं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
ग्रामीणों की एकजुटता ने फिर साबित किया—मुश्किल कितनी भी बड़ी हो, जब गांव साथ खड़ा होता है तो रास्ते खुद खुल जाते हैं।


















