व्यक्तिगत बदले ही पूरे करने हैं, तो वेतन भी न ले सरकार: राजेंद्र राणा

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि कांग्रेस सरकार की तानाशाही और बदले की राजनीति अब हद पार कर चुकी है।

 

नादौन में भरमौर के विधायक डा. जनक राज के खिलाफ दर्ज किए गए झूठे मुकदमे की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि इस सरकार को मरीजों का इलाज भी खटकने लगा है।

मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देने को लेकर विधायक डा. जनक राज पर केस दर्ज करने पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता का पलटवार

 

राजेंद्र राणा ने कहा है कि नादौन में भाजपा कार्यकर्ता और आम लोग शिष्टाचारवश डा. जनक राज से मिलने आए थे। कुछ लोग अपने मरीजों की रिपोर्ट भी साथ लाए थे।

 

डा. जनक राज जो विधायक बनने से पहले शिमला आईजीएमसी के प्रभारी और प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जन रह चुके हैं। उन्होंने मानवता के नाते लोगों को सलाह दी, लेकिन सरकार ने पुलिस भेजकर बीएनएस की धारा 125 के तहत मामला दर्ज कर दिया।

 

राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि विधायक होते हुए भी डा जनक राज लोगों का उपचार कर रहे हैं। डाक्टर को भगवान का दूसरा रूप ही मानते हैं।

कोई झोलाछाप डाक्टर नहीं है भरमौर के विधायक, गरीब के इलाज से सरकार को दिक्कत क्यों?

उन्होंने कहा कि डा. जनक राज कोई झोलाछाप थोड़े हैं। ये हिमाचल के जाने-माने न्यूरोसर्जन हैं। लोग इन पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं। सरकार को डॉक्टर की डिग्री से दिक्कत है या जनता की भलाई से?
उन्होंने कहा कि सर्व कल्याणकारी संस्था द्वारा सितंबर में सुजानपुर अस्पताल में प्रस्तावित फ्री मेडिकल कैंप को भी सरकार ने रद्द करवा दिया।

 

इस कैंप में पीजीआई और बड़े अस्पतालों के विशेषज्ञ अपनी टीम के साथ गरीब और जरूरतमंदों का मुफ्त इलाज करने वाले थे। लेकिन सरकार ने जगह ही नहीं दी। मतलब साफ है कि सरकार को गरीब का इलाज, दवा और राहत किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं है।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक को सत्ता का घमंड हो गया है। इनको लगता है इन्होंने सत्ता में बने रहने का अमृत पी रखा है। लेकिन ये इनकी सबसे बड़ी भूल है।

 

उन्होंने कहा कि आज डा. जनक राज अपने हर सरकारी-निजी कार्यक्रम में समय निकालकर लोगों की रिपोर्ट देखते हैं, सलाह देते हैं। लेकिन सरकार को ये भी नागवार गुजर रहा है। व्यक्तिगत रंजिश को राजनीति से ऊपर रखकर ये सरकार गरीब, जरूरतमंद और पात्र लोगों को परेशान कर रही है।

 

ऐसा लग रहा है कि सुजानपुर की जनता को प्रताड़ित करने का ठेका स्थानीय विधायक को दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने राजनीतिक रंजिश को व्यक्तिगत बनाकर 5 साल विरोधियों और जनता को प्रताड़ित करना ही है, फिर जनता के पैसे से वेतन न लेकर ईमानदारी भी दिखाए।

 

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा इस अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी। डा. जनक राज पर लगा मुकदमा सरकार तुरंत वापस ले, वरना जनता इसका जवाब वोट से देगी।

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