छात्रों की आवाज दबाना बंद करे सरकार, फीस बढ़ोतरी और युवाओं की समस्याओं पर तत्काल निर्णय ले: सनी शुक्ला

शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :-  हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पिछले कई दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में भारतीय जनता युवा मोर्चा हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष  सनी शुक्ला ने प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज करने और उनकी समस्याओं पर चुप्पी साधने की नीति अब स्वीकार नहीं की जाएगी।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान आज भारी फीस बढ़ोतरी, विश्वविद्यालय के संसाधनों के कथित दुरुपयोग, छात्रों की शैक्षणिक एवं मूलभूत समस्याओं और सरकार व प्रशासन की संवादहीनता के कारण गंभीर स्थिति से गुजर रहा है।

 

कई दिनों से विद्यार्थी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जिस प्रकार की उदासीनता दिखाई जा रही है, वह प्रदेश के युवाओं के प्रति संवेदनहीन रवैये को दर्शाती है।

 

 

सनी शुक्ला ने कहा कि फीस में भारी बढ़ोतरी का सीधा असर सामान्य, मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। हिमाचल के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने आते हैं।

 

उनके माता-पिता सीमित आय में अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं और ऐसे में फीस बढ़ोतरी उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालती है। शिक्षा युवाओं के भविष्य की बुनियाद है और सरकार का दायित्व है कि उच्च शिक्षा को सुलभ बनाए, न कि विद्यार्थियों के सामने आर्थिक बाधाएं खड़ी करे।

 

यदि फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों में असंतोष है तो सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठकर इस विषय पर चर्चा करनी चाहिए। इसी के साथ विश्वविद्यालय के संसाधनों के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों पर भी प्रशासन को पारदर्शिता के साथ जवाब देना होगा।

 

विश्वविद्यालय की संपत्ति और वित्तीय संसाधन विद्यार्थियों की शिक्षा, शोध, सुविधाओं और संस्थान के विकास के लिए हैं। छात्रों के सवालों को नजरअंदाज करने के बजाय तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सबसे गंभीर विषय यह है कि आंदोलनरत छात्रों के साथ सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सार्थक संवाद नहीं किया जा रहा है। लोकतंत्र में बातचीत के रास्ते बंद करना किसी समस्या का समाधान नहीं है।

 

अपनी जायज मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाना छात्रों का अधिकार है और उनकी बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल संवाद स्थापित करना चाहिए।

 

प्रदेश भर में छात्र और युवा शिक्षा, रोजगार और अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं और सरकार को इसे गंभीर चेतावनी के रूप में लेना चाहिए। युवा जब अपनी शिक्षा और रोजगार के लिए सड़कों पर उतरता है तो यह किसी राजनीतिक दल के खिलाफ केवल विरोध नहीं, बल्कि व्यवस्था से समाधान की मांग होती है।

शुक्ला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में युवाओं के सामने रोजगार का संकट भी लगातार गंभीर होता जा रहा है। बड़ी संख्या में युवा शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी अवसरों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

 

एक तरफ शिक्षा और फीस का आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और दूसरी तरफ रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के सपनों को साकार करने के बजाय उन्हें निराशा की ओर धकेलने का काम कर रही है।

 

हिमाचल के युवा प्रतिभाशाली और मेहनती हैं, लेकिन उन्हें केवल घोषणाओं की नहीं बल्कि वास्तविक अवसरों की जरूरत है। सरकार को सरकारी भर्तियों को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने, निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने, कौशल विकास, स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कार्ययोजना लागू करनी चाहिए।

 

सनी शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा छात्रों की जायज मांगों और लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि छात्रों के धैर्य की परीक्षा न ली जाए।

 

फीस बढ़ोतरी, विश्वविद्यालय के संसाधनों के उपयोग, शैक्षणिक सुविधाओं और छात्रों से संवाद जैसे सभी विषयों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए। आज विश्वविद्यालय में पढ़ने वाला विद्यार्थी ही कल प्रदेश का डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और जनप्रतिनिधि बनेगा।

 

इसलिए युवाओं की शिक्षा और भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता प्रदेश के भविष्य के साथ समझौता है। यदि छात्रों की समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया गया, फीस बढ़ोतरी पर पुनर्विचार नहीं हुआ और आंदोलनरत विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित नहीं किया गया।

 

तो भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश के युवाओं को साथ लेकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार तथा विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

 

उन्होंने कहा कि हिमाचल का युवा टकराव नहीं चाहता, वह शिक्षा, रोजगार और सम्मान के साथ अपना भविष्य बनाना चाहता है। अब समय केवल आश्वासनों का नहीं, बल्कि निर्णय और कार्रवाई का है।

 

युवाओं के सपनों को कुचलने वाली नीतियां किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएंगी और भाजयुमो प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी के अधिकार, सम्मान और भविष्य के लिए मजबूती से आवाज उठाता रहेगा।

यह प्रेस विज्ञप्ति आप सभी पत्रकारों को प्रेषित की जा रही है, आप सभी से विनम्र आगे है के कृपया इस मुद्दे को जन जन तक पहुंचाएं ।।

 

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