



शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ:- राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी (RDP) के प्रदेश प्रवक्ता एवं चार्टर्ड इंजीनियर डॉ. निखिल ठाकुर ने बिहार के पटना में प्रधान मंत्री का ₹112 करोड़ की लागत से मंदिर बनाने और सोने की आदमकद मूर्ति स्थापित करने के प्रस्ताव पर गहरा रोष प्रकट किया है।

प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजा औपचारिक पत्र




डॉ. ठाकुर ने इस विषय को लेकर भारत के माननीय प्रधानमंत्री एवं बिहार के माननीय मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप करने और राज्य प्रशासन द्वारा दी जाने वाली किसी भी स्वीकृति या सहायता को रद्द करने की मांग की है।







RDP प्रवक्ता डॉ. निखिल ठाकुर ने कहा:-


किसी भी जीवित राजनीतिक प्रतिनिधि की व्यक्ति-पूजा या उनका मंदिर बनाना हमारे लोकतांत्रिक गणराज्य की आत्मा पर सीधा प्रहार है। यह न केवल चुनाव प्रक्रिया में स्वतंत्र सोच को बाधित करता है, बल्कि नागरिकों के मन में जनप्रतिनिधियों को सवाल से परे बनाने का एक खतरनाक precedent (प्रचलन) स्थापित करता है।



इसके अलावा, यह कदम हमारे पारंपरिक धार्मिक मूल्यों और संविधान के अनुच्छेद 25 का भी अनादर करता है।”


डॉ. ठाकुर ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार वर्तमान में गंभीर सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है:
1. गरीबी: नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में बहुआयामी गरीबी की दर 33.76% है
2. बेरोजगारी: PLFS के आंकड़ों के मुताबिक शहरी युवाओं (15-29 वर्ष) में बेरोजगारी दर 10.8% के स्तर पर है
3. पेपर लीक संकट: BPSC, सिपाही भर्ती और NEET जैसी परीक्षाओं में बार-बार होते पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है

उन्होंने बल देकर कहा कि संविधान का अनुच्छेद 51A(h) हर नागरिक में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सुधार की भावना विकसित करने का कर्तव्य सौंपता है।
ऐसे में ₹112 करोड़ जैसे भारी-भरकम निजी या राज्य संसाधनों को व्यक्ति-पूजा की दिशा में मोड़ने के बजाय शिक्षा सुधार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन पर खर्च किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी केंद्र व बिहार सरकार से मांग करती है कि इस परियोजना को सार्वजनिक रूप से खारिज कर संसाधनों का सही दिशा में इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए।

















