



बिलासपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- देश मे बढ़ती महंगाई गंभीर चिंता का विषय है। यह कहना है प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान का। संदीप सांख्यान ने कहा कि अमृतकाल में विकसित भारत का सपना दिखाने वाली भाजपा का असल चरित्र सामने आ गया है।

चीनी अब खास मौके पर इस्तेमाल करने वाली वस्तु बन गई है…. संदीप सांख्यान



उन्होंने कहा कि देश के आमजन के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी दूभर हो चुका है। संदीप सांख्यान ने कहा कि जहां चीनी का भाव 40 से 45 रुपये प्रति किलो ग्राम था व अब 55 से 75 रुपये प्रतिकिलो ग्राम हो चुका है।






उन्होंने कहा कि त्यौहारों के सीज़न के शुरुआती दिनों में चीनी के मूल्यों में 25 से 30 रुपये प्रतिकिलो की यह वृद्धि मिठाइयों और अन्य खाद्यानों पर खासा असर डाल रही है। अच्छे दिन आने की बात करने वाली केंद्र सरकार मंहगाई रोकने में नाकाम साबित हुई है।


संदीप सांख्यान ने कहा कि कहा कि कहां तो भारत चीनी को निर्यात करता था लेकिन अब आयात कर रहा है, उसके ऊपर देश की करंसी रुपये का अवमूल्यन होने से आयात किए गए खाद्यान पर डेड गुनी कीमत चुकानी पड़ रही है।



देश का बैलेंस आफ पेमेंट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। संदीप सांख्यान ने कहा देश वर्तमान में जिन परिस्थितियों से गुज़र रहा है उससे हर चीज़ गिरवी रखी जा चुकी है।


संदीप सांख्यान ने प्रश्न खड़े करते हुए कहा है देश का चौकीदार गहन निद्रा में। उन्होंने कहा कि देश के सांख्यकी विभाग का बेरोजगारी को लेकर आया डेटा और भयानक है जिसके अनुसार देश मे पंजीकृत बेरोजगार करीब 9 करोड़ हो चुका है।
संदीप सांख्यान ने कहा कि चीनी का उपयोग हर घर हर दुकान और व्यवसायिक परिसरों, सरकारी और गैर सरकारी जगहों पर होता है तो ऐसे में चीनी के दामों का आसमान छू जाना आम जनता की जेबों पर डाका डालना है। उन्होंने कहा कि मंडियों में चीनी का औसत थोक भाव लगभग 6,345 रुपये प्रति क्विंटल (करीब 63.45 रुपये प्रति किलो) चल रहा है।
दिल्ली और कानपुर जैसी प्रमुख थोक मंडियों में यह स्पॉट रेट 6,400 से 6,500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास हैं। मंडियों में चीनी का निचला भाव 4,100 रुपये प्रति क्विंटल और सबसे ऊंचा भाव 8,215 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया जा चुका है।
तो ऐसे में देश के आमजन मानस के लिए चीनी एक खास मौके पर इस्तेमाल करने वाली वस्तु बन कर रह गई है, लेकिन केंद्र सरकार आजतक इन मामलों में स्पष्टीकरण नहीं दे पा रही है।


















