




देहरादून (विकास नगर)/चकराता :- विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का दम भरने वाली भाजपा कहती है की डबल इंजन की सरकार विकास की गारंटी है लेकिन फिर भी नहीं करवा पाई विकास लोगों ने चुनाव से किया बहिष्कार चकराता क्षेत्र में द्वार और विशलाड़ खत्त के 12 गांवों के ग्रामीणों ने मतदान नहीं किया। छह मतदान स्थलों पर सुबह 7.00 बजे से लेकर शाम 5.00 बजे तक सन्नाटा पसरा रहा। तहसीलदार और एडीओ पंचायत ग्रामीणों को मनाने के लिए गांव में पहुंचे, लेकिन ग्रामीण नहीं मिले। मतदान स्थल मिंडाल में दो मतदानकर्मियों ने मतदान किया।
पक्की सड़क न बनने से नाराज ग्रामीणों ने क्रिया था चुनाव बहिष्कार का ऐलान



दांवा पुल-खारसी मोटर मार्ग का मरम्मत न होने से 12 गांवों के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया था। इनमें मिडाल, खनाड़, कुराड़, सिचाड़, मंझगांव, समोग, धष्णता, जोगियो, बनियाना, सेंजाड़, सनौऊ, टावरा गांव शामिल हैं।





द्वार और बिशलाड़ खत के 12 गांवों के छह मतदान केंद्रों पर थे 3007 मतदाता


सभी छह गांवों में 3007 मतदाता हैं। बृहस्पतिवार को मिंडाल, खनाड़, चणत्ता, बनियाना, जोगियो, मंझगांव में मतदान प्रकिया संपन्न करवाने के लिए टीम पहुंची गई थी। शुक्रवार सुबह 7.00 बजे मतदान शुरू होना था, लेकिन मतदान स्थल से दूर-दूर तक एक भी मतदाता नजर नहीं आया।


मनाने के लिए प्रशासन की टीम पहुंची


2.30 बजे तहसीलदार मनोहर लाल अंजुवाल, कानूनगो सरदार सिंह, एसडीओ पंचायत सुनील उनियाल गांव पहुंचे। यहां टीम को पता चला कि अधिकांश ग्रामीण खेतों में काम के लिए निकल गए हैं। उसके बाद टीम बैरंग वापस आ गई। मिंडाल मतदान स्थल पर दो मतदानकर्मियों ने मतदान किया। शाम को पोलिंग टीम भी बिना मतदान करवाए वापस लौट गई।
सामाजिक कार्यकर्ता, मिहाल से विक्रम नेगी ने कहा कि

कई बार लोगों ने सड़क के डामरीकरण को लेकर आंदोलन किया, लेकिन सड़क की हालत नहीं सुधारी गई। लोक निर्माण विभाग और सरकार की होलाहवाली के चलते 12 गांव के लोगों को चुनाव बहिष्कार का फैसला लेना पड़ा।


अध्यक्ष युवा संगठन खत द्वार से राकेश भट्ट ने कहा कि मोटर मार्ग के डामरीकरण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से केवल वित्तीय स्वीकृति के आश्वासन मिले, लेकिन शासन स्तर से बजट अवमुक्त नहीं हुआ। मजबूरी में सभी लोगों ने चुनाव बहिष्कार का सामूहिक निर्णय लिया।


अध्यक्ष, व्यापार मंडल जोगियों कंवासी से सूर्यपाल चौहान
ने कहा कि 32 साल में 16 किमी मोटर मार्ग का डामरीकरण न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। शासन प्रशासन की नाकामी से दो खत की तीन हजार की आबादी के लिए पक्की सड़क नहीं है। विरोध जताने के लिए चुनाव बहिष्कार के सिवा कोई चारा नहीं बच्चा था।

पूर्व प्रधान मंझगांव के सुरेश थपलियाल ने कहा कि
जब शासन प्रशासन ने लोगों की मांग को गंभीरता से नहीं लिया, तो उन्होंने सर्वसम्मति से चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया। चुनाव बहिष्कार शासन प्रशासन के गैर जिम्मेदार रवैये को दर्शाता है।
एसडीएम, चकराता 6 योगेश मेहरा ने कहा कि
चकराता के मिडाल, खन्नाड़, थणता, अनियाना, जोगियो, मंझगांव मतदान केंद्र पर मतदान नहीं हुआ। सीडीओ और मेरे स्तर पर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया। बृहस्पतिवार रात तक ग्रामीणों से मेरी बात होती रही। शुक्रवार को टीम को गांवों में भी भेजा गया, लेकिन ग्रामीण मतदान के लिए नहीं माने।
क्या है मामला
दांवा पुल-खारसी मोटर मार्ग का निर्माण करीब 32 वर्ष पहले हुआ था। द्वार और विशलाड़ खत के 12 गांवों के ग्रामीण मार्ग के मरम्मत की मांग कर रहे हैं। दो बार लोनिवि के कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इस बार मरम्मत का कार्य शुरू न होने पर ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी थी।



