



आलमपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- ठाकुरद्वारा में गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर मिनर्वा पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, आलमपुर में उत्साह, कला और राष्ट्रभक्ति का एक अनोखा संगम देखने को मिला। ‘महात्मा गांधी जी के विचार एवं आत्मनिर्भर भारत’ की मुख्य विषय-वस्तु पर आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि दीक्षा राणा ने शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

कैनवास पर दिखा ‘अहिंसा’ और ‘स्वच्छता’ का अनोखा रूप




समारोह के मुख्य आकर्षणों में से एक रही चित्रकला प्रतियोगिता, जिसमें नन्हे कलाकारों ने रंगों के माध्यम से बापू के विचारों को नई दिशा दी:






(अहिंसा के रंग): विद्यार्थियों ने शांति, सद्भाव और अहिंसा के संदेश को रंगों के सुंदर तालमेल से जीवंत किया।


(स्वच्छ भारत): स्वच्छता ही सेवा है—इस संदेश को दर्शाते हुए बच्चों ने एक स्वच्छ और सुंदर भारत की परिकल्पना को कैनवास पर उतारा।




क्विज़ में दिखा बापू के जीवन और ‘स्वदेशी’ का रंग


विद्यार्थियों के बौद्धिक और ज्ञानवर्धक विकास के लिए एक विशेष प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया।
विषय: बापू का जीवन दर्शन, ऐतिहासिक स्वदेशी आंदोलन और आधुनिक भारत की ‘आत्मनिर्भरता की यात्रा’।
उत्साह: विद्यार्थियों ने पूरे जोश के साथ भाग लेते हुए बापू के आदर्शों और भारत के गौरवशाली इतिहास से जुड़े प्रश्नों के सटीक उत्तर दिए।
मुख्य अतिथि दीक्षा राणा का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि दीक्षा राणा ने कहा:
”गांधी जी के सत्य, अहिंसा और स्वदेशी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे। यदि हमें एक सशक्त और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का निर्माण करना है, तो हमें बापू के बताए स्वच्छता और स्वावलंबन के मार्ग पर चलना होगा।”
समारोह का समापन
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ तथा समापन राष्ट्रगान और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के पुरस्कार वितरण के साथ किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य अतिथि, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।




