



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- देवभूमि के नामसे विश्व विख्यात हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के शांतनु। न कोई अपना, न पहचान, न अंतिम विदाई देने वाला… ऐसे लोगों के लिए हमीरपुर के शांतनु कुमार पिछले 29 वर्षों से मानवता की मिसाल बने हुए हैं।


हिमाचल प्रदेश में कहीं भी लावारिस शव मिलने की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था करते हैं और बाद में उन दिवंगतों की अस्थियों को हरिद्वार की हर की पौड़ी स्थित ब्रह्ममकुंड में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार पिंडदान के साथ विसर्जित करते हैं।



29 वर्षों से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार और अस्थियों का विसर्जन कर रहे हैं शांतनु कुमार






अब तक शांतनु कुमार 5018 लावारिस दिवंगतों की अस्थियों को हरिद्वार गंगा जी में विसर्जित कर चुके हैं। इस वर्ष भी इन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए विशेष श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण किया जाएगा।


10 अक्टूबर 2026 को होगा श्राद्ध




शांतनु कुमार ने बताया कि 10 अक्टूबर 2026, शनिवार (अमावस्या) को हरिद्वार की हर की पौड़ी में 5018 लावारिस दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए विशेष श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण किया जाएगा। इस दौरान एक लावारिस दिवंगत की अस्थियों का भी गंगा जी में विसर्जन होगा।


11 ब्राह्मणों को दिया जाएगा दान
श्राद्ध के दौरान 11 ब्राह्मणों को भोजन करवाया जाएगा। साथ ही वस्त्र, फल, अनाज और दक्षिणा अर्पित की जाएगी। यह धार्मिक अनुष्ठान हरिद्वार रेद्वार के प्रसिद्ध पंडित ज्वाला प्रसाद के प्रपौत्र पंडित गणेश शर्मा की देखरेख में संपख्न होगा।
नेपाल आपदा पीड़ितों के लिए भी होगी विशेष पूजा
इस वर्ष अगस्त माह में नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मिक शांति के लिए भी पिंडदान एवं विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।

72 लाख रूपये से अधिक लगा चुके हैं मिशन में
ईशांतनु कुमार ने बताया कि वह ने अपनी जीवनभर की कमाई में से 72 लाख रुपये से अधिक राशि ‘मिशन लावारिस’ में लगा चुके हैं। समाजसेवा के लिए मिले पुरस्कारों की धनराशि भी उन्होंने इसी कार्य में समर्पित कर दी हैं।
पद्म श्री के लिए भेजा गया नाम
ईशांतनु कुमार ने बताया कि वह ने अपनी जीवनभर की कमाई में से 72 लाख रुपये से अधिक राशि ‘मिशन लावारिस’ में लगा चुके हैं। समाजसेवा के लिए मिले पुरस्कारों की धनराशि भी उन्होंने इसी कार्य में समर्पित कर दी हैं।
जिसका कोई नहीं, उसका शांतनु है…
शांतनु कुमार ने बताया कि उनके सामाजिक कायों को देखते हुए चार महानुभावों ने उनके नाम को पद्म श्री सम्मान के लिए नामांकित कर सरकार को भेजात हैं। उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है।
संपर्क के लिए मोबाईल नंबर
लावारिस शव की सूचना के लिए शांतनु कुमार का मोबाइल नंबर 94180 96502 हिमाचल प्रदेश के विभिन पुलिस थानों और लोगों के पास हैं।



