



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने ग्राम पंचायत चबूतरा में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया।

ग्राम पंचायत चबूतरा में जागरुकता कार्यक्रम के दौरान सीडीपीओ ने की अपील




कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं सुजानपुर के बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान ने कहा कि बेटियां मानव सभ्यता और संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। वे किसी भी समाज का प्रथम एवं सर्वाधिक मजबूत स्तंभ होती हैं।






मानव समाज एवं संस्कृति के अस्तित्व, निरंतरता एवं मूल्यों को जीवित एवं सार्थक बनाये रखने में बेटियों की भूमिका एवं योगदान सर्वाेपरि है। इसलिए, बेटियों एवं मातृ शक्ति को सम्मान एवं आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए।



उन्होंने कहा कि समान अवसर, समुचित पोषण और सार्थक शिक्षा सुलभ होने पर बेटियां किसी भी चुनौती को स्वीकारने में बेटों से कम नहीं हैं। आज बेटियों ने सभी क्षेत्रों में अद्वितीय छाप छोड़ी है।





उन्होंने कहा कि आज हम शारदीय नवरात्रों के नवें दिन नवदुर्गा का आह्वान कर रहे हैं। परंतु यह आह्वान तब तक अधूरा है जब तक हम अपनी बेटियों एवं मातृ शक्ति को उचित सम्मान नहीं करते।


उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक दिवस को मातृ दिवस और बालिका दिवस के रूप में मनायें और भारतीय संस्कृति की मूल भावना को आत्मसात करें। उन्होंने लोगांे से जरुरतमंद बच्चों विशेष कर बेटियों को गोद लेने या फिर उनकी शिक्षा को स्पांसर करने का आह्वान भी किया।
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई की गैर संस्थागत संरक्षण अधिकारी उर्मिला देवी ने लोगों से बाल विवाह और बाल मजदूरी जैसी बुराइयों का कड़ा विरोध करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये सामाजिक कुरीतियों बाल जीवन विशेषकर बेटियों का सर्वाधिक अहित करती हैं।
इस अवसर पर 21 बेटियों को सम्मानित किया गया एवं कन्या पूजन का आयोजन भी किया गया। स्थानीय पंचायत प्रधान ने सभी अधिकारियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।





