हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के बजट पर मुख्यमंत्री सुक्खू जनता को गुमराह करना बंद करें, सरकारी आंकड़े खोल रहे हैं कांग्रेस के दावों की पोल: राकेश ठाकुर

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-   भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने जारी एक बयान में कहा कि डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के वित्तीय आवंटन और निर्माण कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और केंद्र सरकार के योगदान पर झूठे बयान देने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं, जो उनकी राजनीतिक अस्थिरता और असुरक्षा को दर्शाता है। लेकिन सरकारी दस्तावेजों और वित्तीय आंकड़ों को सामने रखकर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी करना उचित नहीं है।

केंद्र के ₹170.10 करोड़ के अंशदान की आधिकारिक पुष्टि, प्रदेश सरकार के ₹240 करोड़ के आवंटन और ₹470 करोड़ के कथित संचयी व्यय का हिसाब सार्वजनिक करे सरकार

राकेश ठाकुर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से लेकर इसके निर्माण और विस्तार तक की पूरी समयरेखा सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री को जनता को यह बताना चाहिए कि किस सरकार ने कब स्वीकृति दी, किस सरकार ने कितना बजट निर्धारित किया, कितनी राशि जारी हुई और वास्तविक निर्माण पर कितना खर्च किया गया। केवल अपने कार्यकाल के झूठे आंकड़े गिनाकर पहले की सरकारों और केंद्र के योगदान को नकारना तथ्यों के साथ अन्याय है।

 

राकेश ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार की जनवरी 2014 की योजना के अंतर्गत जिला अस्पतालों को उन्नत करके नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मंजूरी दी गई थी। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर को 4 मार्च 2014 को स्वीकृति मिली, जब केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए-2 सरकार थी। मूल योजना के तहत एक मेडिकल कॉलेज की अनुमानित लागत ₹189 करोड़ निर्धारित की गई, परन्तु बजट के नाम पर एक फूटी कौड़ी तक नहीं दी गई थी। हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्र का निर्धारित हिस्सा ₹170.10 करोड़ और राज्य का हिस्सा ₹18.90 करोड़ था।

 

उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में योजना की स्वीकृति मिलना एक ऐतिहासिक तथ्य है, लेकिन बिना किसी बजट प्रावधानों के यह केवल एक काग़ज़ी घोषणा थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के 10 अगस्त 2016 के आधिकारिक बयान में हमीरपुर और चंबा मेडिकल कॉलेजों के लिए ₹189-₹189 करोड़ निर्धारित होने की पुष्टि की गई थी। बाद में एनडीए की केंद्र सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों में हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के लिए ₹170.10 करोड़ का केंद्रीय अंश दर्ज किया गया।

 

केंद्र की एनडीए सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के 3 अगस्त 2021 के संसदीय दस्तावेज में भी हमीरपुर मेडिकल कॉलेज की स्वीकृत लागत ₹189 करोड़, केंद्रीय अंश ₹170.10 करोड़ और जारी केंद्रीय राशि ₹170.10 करोड़ दर्ज है। इसलिए यह कहना गलत है कि केंद्र का योगदान केवल राजनीतिक दावे तक सीमित है।

 

भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रदेश सरकार की ओर से जोल सप्पड़ परिसर के निर्माण के लिए ₹40 करोड़ का राज्य अंश जारी किए जाने की जानकारी सार्वजनिक हुई थी। अक्टूबर 2024 में मुख्यमंत्री ने स्वयं कहा था कि उनकी सरकार मेडिकल कॉलेज परिसर के लिए ₹240 करोड़ वितरित कर चुकी है। जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री के हवाले से प्रकाशित समाचार में मेडिकल कॉलेज पर ₹470 करोड़ खर्च होने और राज्य कैंसर संस्थान के लिए ₹85 करोड़ स्वीकृत किए जाने की बात कही गई थी।

 

राकेश ठाकुर ने कहा कि इन आंकड़ों को सामने रखते हुए सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि ₹240 करोड़ का आंकड़ा किस अवधि और किस मद से संबंधित है तथा ₹470 करोड़ के संचयी व्यय में कौन-कौन से निर्माण कार्य और वित्तीय मद शामिल हैं। स्वीकृत लागत, बजट प्रावधान, जारी धनराशि और वास्तविक व्यय अलग-अलग श्रेणियां हैं। जनता के सामने इनका स्पष्ट विवरण प्रस्तुत करना सरकार की जिम्मेदारी है।

 

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार, जोल सप्पड़ में 240 बिस्तरों वाले अस्पताल और शैक्षणिक ब्लॉक के निर्माण के लिए ₹375 करोड़ लोक निर्माण कार्य विभाग को जारी किए जा चुके थे। वहीं, आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में मेडिकल कॉलेज परियोजना का कुल परिव्यय ₹376.30 करोड़ और इसमें भारत सरकार के ₹170.10 करोड़ के सहयोग का उल्लेख है।

 

राकेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू को सांसद अनुराग सिंह ठाकुर पर श्रेय लेने का आरोप लगाने से पहले इन सरकारी दस्तावेजों का अध्ययन करना चाहिए। यदि मुख्यमंत्री अपने दावों को सही मानते हैं, तो उन्हें केंद्र और प्रदेश सरकार के अंशदान, जारी राशि, निर्माण एजेंसी को भुगतान तथा अब तक हुए वास्तविक व्यय का मदवार विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।

 

राकेश ठाकुर ने कहा कि अनुराग सिंह ठाकुर ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सा शिक्षा और केंद्रीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। किसी जनप्रतिनिधि के योगदान का मूल्यांकन राजनीतिक आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि उपलब्ध दस्तावेजों, स्वीकृतियों और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के आधार पर होना चाहिए।

 

उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज के वित्तीय इतिहास पर खुली और तथ्यात्मक चर्चा के लिए सरकार तैयार हो। यदि मुख्यमंत्री बिना पूरे तथ्य सामने रखे बार-बार अनुराग सिंह ठाकुर पर श्रेय लेने का आरोप लगाते हैं, तो ये राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं है। राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर पारदर्शिता के साथ मेडिकल कॉलेज के प्रत्येक वित्तीय चरण का पूरा हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।

 

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