एमएलसी चुनाव परिणामों ने विपक्ष के एजेंडे को किया ध्वस्त, बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी कांग्रेस साफ: अनुराग सिंह ठाकुर

नई-दिल्ली/विवेकानंद वशिष्ठ:-  पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने चार राज्यों की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों के चुनाव में एनडीए की जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बैलेट पेपर से हुए इन चुनावों ने कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष के वोट चोरी के प्रोपेगेंडा को ध्वस्त कर दिया है। चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस जनता का विश्वास और अपना जनाधार खो चुकी है।

कांग्रेस के वोट चोरी के मुद्दे की निकली हवा: अनुराग सिंह ठाकुर 

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब भय, भ्रम, झूठ और अराजकता की राजनीति पर केंद्रित हो गई है। संवैधानिक संस्थाओं, पदों और व्यवस्थाओं पर सवाल उठाकर कांग्रेस चुनाव दर चुनाव मिल रही हार को छिपाने का प्रयास कर रही है।

 

कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी चुनाव आयुक्त पर निराधार आरोप लगाकर जनादेश का अपमान करना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है।

 

उन्होंने कहा कि चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव में एनडीए की जीत और कांग्रेस की हार ने विपक्ष के दावों की पोल खोल दी है।

 

बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है, जिससे उसके वोट चोरी के आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इन परिणामों से स्पष्ट है कि जनता का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा के साथ है।

 

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश में संपन्न पंचायती राज एवं नगर निकाय चुनावों में भी जनता ने कांग्रेस को नकारते हुए भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया है।

 

इन परिणामों से जाहिर है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों और कार्यशैली से निराश है तथा बदलाव चाहती है। इन चुनावों में भी बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ, लेकिन कांग्रेस को जनता का समर्थन नहीं मिला।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि मतदान का माध्यम ईवीएम हो या बैलेट पेपर, जनादेश का सम्मान करना लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है।

 

चुनावों में लगातार मिल रही हार के बावजूद वोट चोरी जैसे बेबुनियाद आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बनाना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है। कांग्रेस को ऐसे आरोपों के सहारे राजनीति करने के बजाय जनता के विश्वास को दोबारा अर्जित करने पर ध्यान देना चाहिए।

 

 

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