



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय हमीरपुर में 1 सितम्बर से 30 सितम्बर 2026 तक हिन्दी माह समारोह के अंतर्गत आयोजित की गए विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों तथा प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अध्यापकों व विद्यार्थियों को विद्यालय प्राचार्य श्री संजय कुमार ने स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया |


इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में राजभाषा हिन्दी के प्रति रुचि, सम्मान और जागरूकता विकसित करना तथा हिन्दी भाषा के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करना रहा।



हिन्दी माह के दौरान विद्यार्थियों के लिए हिन्दी भाषण, काव्य-पाठ, सुलेख, चित्रकला एवं नारा लेखन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी भाषायी दक्षता, साहित्यिक प्रतिभा एवं रचनात्मक कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।






परिणाम :



हिन्दी भाषण प्रतियोगिता में कक्षा बारहवीं की रूहानी ने प्रथम, अवंतिका ने द्वितीय तथा शबनम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।





हिन्दी काव्य-पाठ प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में निवृत्ति ने प्रथम, रूहानियत ने द्वितीय तथा रिजाल शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ वर्ग में वैष्णवी प्रथम, स्मृति ठाकुर द्वितीय तथा वर्षा तृतीय स्थान पर रहीं।


सुलेख प्रतियोगिता में नीतिका ने प्रथम, कृतिका ने द्वितीय तथा कनिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। हिन्दी चित्रकला प्रतियोगिता में कनिका प्रथम, ऐंजल द्वितीय तथा आराध्या संख्यांन तृतीय स्थान पर रहीं।
हिन्दी नारा लेखन प्रतियोगिता में दिव्यांशी ने प्रथम, हर्षिता शर्मा ने द्वितीय तथा मानवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। एक अन्य हिन्दी काव्य-पाठ प्रतियोगिता में कीर्ति लखनपाल प्रथम, साक्षी भाटिया द्वितीय तथा मयूरा डोगरा तृतीय स्थान पर रहीं।
अध्यापकों की सुलेख प्रतियोगिता में श्रीमती सोनिका ने प्रथम, श्री केशव राम शर्मा ने द्वितीय तथा श्री विनय कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इसी प्रकार अध्यापकों की हिन्दी निबंध लेखन प्रतियोगिता में मुख्याध्यापिका डॉ. पूजा ने प्रथम, प्राथमिक शिक्षक अंग्रेज सिंह ने द्वितीय तथा प्रोमिला देवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार ने सभी विजेता विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने हिन्दी भाषा को भारतीय संस्कृति, ज्ञान, साहित्य एवं राष्ट्रीय एकता की
सशक्त अभिव्यक्ति बताते हुए कहा कि हिन्दी केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक चेतना की महत्वपूर्ण संवाहक भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में शुद्ध, सरल एवं प्रभावशाली हिन्दी का प्रयोग करने तथा साहित्यिक गतिविधियों में निरंतर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
हिन्दी माह समारोह ने विद्यालय में भाषायी जागरूकता, साहित्यिक अभिरुचि और सृजनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आयोजन राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार एवं संवर्धन की दिशा में एक सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ।




