विधायक सुरेश कुमार झूठ की राजनीति करने के आदी, मेधावी छात्र के सम्मान को भी राजनीतिक रंग देना उनकी ओछी मानसिकता का परिचायक: राकेश ठाकुर

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-   भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कांग्रेस विधायक सुरेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुरेश कुमार झूठ की राजनीति करने के आदी हो चुके हैं।

 

 

राजनीतिक लाभ लेने और अपने नेताओं को खुश करने की होड़ में वह अब मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों और उनके सम्मान को भी राजनीतिक विवाद का विषय बनाने से पीछे नहीं हट रहे हैं।

 

राकेश ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज के मेधावी छात्र सर्वेश शर्मा के मामले में विधायक सुरेश कुमार ने जिस प्रकार का भ्रामक बयान दिया है, वह उनकी राजनीतिक हताशा और असुरक्षा की भावना को उजागर करता है।

 

 

उन्होंने कहा कि सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सर्वेश शर्मा को केवल उनकी मेधा, प्रतिभा और उपलब्धि के लिए सम्मानित किया था।

 

यह सम्मान उसी प्रकार था, जिस प्रकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राज्यपाल कविंद्र गुप्ता और स्वयं विधायक सुरेश कुमार ने भी विद्यार्थी की उपलब्धि पर उसे सम्मानित किया था।

 

राकेश ठाकुर ने स्पष्ट किया कि सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा सर्वेश शर्मा को 3.5 करोड़ रुपये का बजट उनकी सिफारिश पर जारी होने संबंधी कोई बात नहीं कही गई थी।

 

इसके बावजूद विधायक सुरेश कुमार द्वारा इस सम्मान को बजट जारी करवाने की सिफारिश से जोड़कर प्रस्तुत करना तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता को गुमराह करने का प्रयास है।

 

उन्होंने कहा कि सर्वेश शर्मा के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करना विधायक सुरेश कुमार की संकीर्ण राजनीतिक सोच को दर्शाता है।

 

एक प्रतिभाशाली विद्यार्थी की उपलब्धि पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गर्व महसूस किया जाना चाहिए, लेकिन कांग्रेस विधायक ने विद्यार्थी के सम्मान को भी राजनीतिक हथकंडा बना दिया।

 

राकेश ठाकुर ने कहा कि यदि सर्वेश शर्मा के साथ किसी प्रकार का अन्याय हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच करवाना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है।

 

पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रदेश सरकार के अधीन संचालित संस्थान है और उससे सम्बन्धित किसी भी अनियमितता की जांच करवाने का अधिकार एवं दायित्व राज्य सरकार का है।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और सत्ता पक्ष के कांग्रेस विधायकों का नैतिक दायित्व है कि वे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के लिए पहल करें। यदि विद्यार्थी के साथ कुछ गलत हुआ है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

 

जांच करवाने के बजाय इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम बनाना उचित नहीं है। विद्यार्थियों के भविष्य और उनके अधिकारों से जुड़े विषयों पर राजनीति करने के बजाय सरकार को जवाबदेही निभानी चाहिए।

 

राकेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को खुश करने और अपने सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व के समक्ष अपनी वफादारी प्रदर्शित करने के लिए सुरेश कुमार ने यह घटिया राजनीतिक स्टंट किया है।

 

उन्हें समझना चाहिए कि भ्रामक बयानों से न तो सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की लोकप्रिय छवि को प्रभावित किया जा सकता है और न ही उनकी जनसेवा और विकास कार्यों के योगदान को कम किया जा सकता है।

 

उन्होंने कहा कि विधायक सुरेश कुमार को दूसरों की उपलब्धियों को अपना झूठा राजनीतिक एजेंडा चलाने के बजाय अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं, विकास कार्यों की स्थिति और जनता से किए गए वादों का जवाब देना चाहिए।

 

राजनीति का उद्देश्य जनहित के मुद्दों को उठाना और समस्याओं का समाधान करवाना होना चाहिए, न कि विद्यार्थियों के सम्मान को विवादों में घसीटना।

 

राकेश ठाकुर ने विधायक सुरेश कुमार के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि भाजपा मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान, प्रतिभा के प्रोत्साहन और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि सर्वेश शर्मा के मामले में कोई अनियमितता हुई है तो प्रदेश सरकार बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष जांच करवाए और सच्चाई जनता के सामने रखे।

 

 

[post-views]