



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर शर्मा ने शनिवार को मट्टनसिद्ध में भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित जिला भाजपा की बैठक में भाग लिया।

4 नवंबर को हमीरपुर में निकलेगी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, संसदीय क्षेत्र की 17 विधानसभा सीटों के विधायक, पूर्व विधायक और सैंकड़ों कार्यकर्ता होंगे शामिल




बैठक में 4 नवंबर 2026 को हमीरपुर में आयोजित होने वाली ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा की तैयारियों और रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। यह पदयात्रा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित होगी।







बैठक के दौरान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। रणधीर शर्मा सहित उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।



उन्होंने कहा कि देश को एक सूत्र में पिरोने में सरदार पटेल की ऐतिहासिक भूमिका और उनका दृढ़ नेतृत्व सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।





रणधीर शर्मा ने बताया कि इस पदयात्रा में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की सभी 17 विधानसभा सीटों से विधायक, पूर्व विधायक, वरिष्ठ भाजपा नेता और पार्टी के और सैंकड़ों कार्यकर्ता भाग लेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी सक्रियता और समन्वय के साथ जुटने का आह्वान किया।


इसके उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए रणधीर शर्मा ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) का विरोध करने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावों में लगातार मिल रही पराजय से कांग्रेस बौखलाई हुई है और इसी हताशा में वह उन लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का भी विरोध कर रही है, जिनकी मांग वह स्वयं पहले करती रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता पहले मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों, मृत व्यक्तियों के नाम दर्ज होने और ऐसे लोगों के मतदान करने के आरोप लगाते थे, जो संबंधित क्षेत्रों में निवास ही नहीं करते। अब जब निर्वाचन आयोग एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूचियों को शुद्ध और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है, तो वही कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। यह उसकी राजनीतिक अवसरवादिता और दोहरे मापदंडों को दर्शाता है।
रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि एसआईआर के विरोध की आड़ में कांग्रेस घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं के पक्ष में खड़ी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में केवल पात्र नागरिकों के नाम होने चाहिए। मृत व्यक्तियों, फर्जी मतदाताओं और संबंधित क्षेत्र में निवास नहीं करने वाले अपात्र लोगों के नाम हटाना निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था के लिए आवश्यक है। ऐसी प्रक्रिया का विरोध करना संविधान की भावना और लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता के विपरीत है।
उन्होंने ईवीएम को लेकर कांग्रेस के रवैये पर भी सवाल उठाए। रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का ईवीएम विरोध भी राजनीतिक सुविधा के अनुसार बदलता रहता है। जहां उसे चुनावी सफलता मिलती है, वहां ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए जाते, जबकि भाजपा की जीत होने पर चुनाव प्रक्रिया को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि चुनाव ईवीएम से हों या मतपत्रों से, अंततः जनता का विश्वास और समर्थन ही जीत का आधार होता है। भाजपा के नेता जनता के बीच रहकर काम करते हैं और जनहित एवं विकास को प्राथमिकता देते हैं।

रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर अनावश्यक सवाल उठाने से बचना चाहिए। निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संस्था है, जो निर्धारित संवैधानिक प्रावधानों और नियमों के अनुरूप चुनावी प्रक्रिया संचालित करती है। उन्होंने वर्ष 1991 के लोकसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजीव गांधी की हत्या के बाद देशभर में चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई थी और कई स्थानों पर चुनाव स्थगित किए गए थे। उन्होंने कहा कि चुनावी संस्थाओं की भूमिका और उनके निर्णयों पर राजनीतिक लाभ-हानि के आधार पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है।
*‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत प्रदेशभर में जनजागरण*
रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा ने लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास मजबूत करने और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत प्रदेश, जिला और विधानसभा स्तर पर संगोष्ठियों एवं जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से एसआईआर की आवश्यकता और उसके महत्व की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जाएगी। विशेष रूप से युवाओं और कॉलेज विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में 5 नवंबर तक देशभर में 121 स्थानों पर पदयात्राएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें 10 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी प्रस्तावित है। हिमाचल प्रदेश में भी चार स्थानों पर कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। 30 अक्टूबर को धर्मशाला में पदयात्रा का आयोजन किया जा चुका है, जबकि 1 नवंबर को शिमला और 4 नवंबर को हमीरपुर में कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि हमीरपुर की पदयात्रा को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के लिए पार्टी संगठन पूरी तैयारी कर रहा है।




