



सुजानपुर/हमीरपुर:- बाल विकास परियोजना सुजानपुर द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं की त्रैमासिक समीक्षा बैठक शनिवार को एसडीएम विकास शुक्ला की अध्यक्षता में हुई।

इस अवसर पर एसडीएम ने बताया कि सुजानपुर परियोजना क्षेत्र में 335 गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं तथा 6 साल तक के 1270 बच्चों को पौष्टिक आहार के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है।



परियोजना के प्रयासों से 6 साल तक के बच्चों में कुपोषण का स्तर घटकर 1.5 प्रतिशत रह गया है और गत वर्ष विकास खंड सुजानपुर की 7 पंचायतों को राष्ट्रीय स्तर पर सुपोषित पंचायत के रूप में चयनित किया गया है।






उन्होंने बताया कि सभी प्रकार के कुपोषण को विकसित देशों के 5 प्रतिशत के लक्ष्य के बराबर लाने हेतु सुजानपुर को मॉडल ब्लॉक के रूप में चिन्हित करते हुए 6 माह से 3 वर्ष के सभी बच्चों को जिला प्रशासन की ओर से प्रायोगिक आधार पर अगले तीन माह तक रागी दलिया के रूप में अतिरिक्त खुराक देने का निर्णय लिया गया है।



एसडीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पिछले 4 वर्षों में 1389 गर्भवती महिलाओं को लगभग 51 लाख रुपए की राशि प्रोत्साहन के रूप में दी गई है।





सुजानपुर के सभी 123 आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनवाड़ी सह स्कूल घोषित करते हुए उन्हें नजदीकी प्राथमिक विद्यालयों के साथ संबद्ध कर दिया गया है। 25 आंगनबाड़ी केन्द्रों को नंद घर के रूप में विकसित किया गया है।


इनमें और आवश्यक सुधार तथा अन्य आंगनवाड़ी केंद्रों को भी उनके समकक्ष बनाने हेतु ओएनजीसी तथा सतलुज जल विद्युत निगम की मदद से विकसित किया जा रहा है।
पिछले 5 वर्षों में सुजानपुर के बाल लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इंदिरा गांधी सुरक्षा योजना के तहत इस वर्ष के दौरान 10 बच्चियों के नाम 210000 रुपए की एफडी कराई गई है जबकि 156 बच्चियों को 360550 रुपए की राशि स्कॉलरशिप के रूप में प्रदान की गई है।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के अंतर्गत 164 बच्चों को 3.15 लाख रुपए की राशि दी गई है। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत 17 बच्चों को सामाजिक सुरक्षा के रूप में 3.48 लाख रुपए, एक युवा को उच्च शिक्षा हेतु 90 हजार रुपए, लघु उद्योग के लिए 2 युवाओं को 3.40 लाख, 4 युवाओं को विवाह अनुदान के रूप में 8 लाख तथा गृह निर्माण हेतु 4 युवाओं को 8 लाख रुपए की राशि तथा मिशन वात्सल्य के अंतर्गत 20 बच्चों को 3.20 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है।
इस अवसर पर बाल विवाह अधिनियम की अनुपालना पर भी समीक्षा बैठक की गई। एसडीएम ने सभी पंचायत प्रधानों से बाल विवाह मुक्त भारत का अभिन्न अंग बनने और बाल विवाह मुक्त गांव का प्रमाण पत्र प्राप्त कर उसे अपलोड करने का भी अनुरोध किया।

बीडीसी अध्यक्ष की अध्यक्षता में विलेज लेवल चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटियों के कार्य की भी समीक्षा की गई और बाल विवाह एवं मानव तस्करी के मामलों में उन्हें सजग रहने का अनुरोध किया गया।
सीडीपीओ कुलदीप सिंह चौहान ने विभाग की सभी योजनाओं और इनसे संबंधित उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में बीडीओ, बीएमओ, अन्य अधिकारी, विभिन्न पंचायतों के प्रधान एवं विभागों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।




