



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- लोकतंत्र बचाना है तो पहले मोदी सरकार से सवाल पूछिए, अनुराग ठाकुर अपने कार्यकाल का हिसाब दें और राजीव बिंदल जी कोरोना काल के PPE किट विवाद पर जवाब दें!

कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग, हमीरपुर ने भाजपा पर किया तीखा पलटवार



भाजपा द्वारा हमीरपुर में लोकतंत्र बचाने के नाम पर रैलियां निकालने को लेकर कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के रजत राणा ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर भाजपा किससे लोकतंत्र बचाने की बात कर रही है?






जब देश में केंद्र की सत्ता भाजपा के हाथों में है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार चल रही है, गृह मंत्रालय भाजपा के पास है, संसद में भाजपा के सांसद हैं और देश की व्यवस्था चलाने की जिम्मेदारी भी केंद्र सरकार की है, तो फिर लोकतंत्र को बचाने के नाम पर रैलियां निकालने का औचित्य क्या है?



रजत राणा ने कहा कि भाजपा नेताओं को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर लोकतंत्र को खतरा किससे है।





अगर लोकतंत्र को लेकर इतनी ही चिंता है तो सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से सवाल पूछने चाहिए। लोकतंत्र केवल रैलियां निकालने, नारे लगाने और मंचों से भाषण देने का नाम नहीं है।


लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ संविधान का सम्मान, जनता के अधिकारों की रक्षा, विपक्ष की आवाज सुनना और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
अनुराग ठाकुर जी भी बताएं, केंद्र में रहते हुए हमीरपुर के लिए क्या किया?
रजत राणा ने सांसद अनुराग ठाकुर पर सवाल उठाते हुए कहा कि अनुराग ठाकुर जी लंबे समय तक केंद्र की राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर रहे हैं। उन्हें भी हमीरपुर और हिमाचल की जनता को बताना चाहिए कि केंद्र में रहते हुए उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए कौन-कौन से ठोस कार्य किए और उन कार्यों का कितना लाभ आम जनता को मिला। लोकतंत्र और जनता के हितों की बात करने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देना भी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
राजीव बिंदल जी भी कोरोना काल के PPE किट विवाद पर जवाब दें!

रजत राणा ने भाजपा नेता डॉ. राजीव बिंदल पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज हमीरपुर में लोकतंत्र, नैतिकता और ईमानदारी की बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं, लेकिन भाजपा नेताओं को कोरोना महामारी के दौरान हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की खरीद से जुड़े PPE किट विवाद को भी याद करना चाहिए।
वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन निदेशक से जुड़ी कथित रिश्वत मांगने की ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई थी। इस विवाद के बीच तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने स्वयं इस मामले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया था।
रजत राणा ने कहा कि भाजपा नेताओं को लोकतंत्र, नैतिकता और ईमानदारी पर भाषण देने से पहले अपने शासनकाल के विवादों पर भी जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
कोरोना महामारी का समय ऐसा था जब पूरा देश संकट से गुजर रहा था और जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता थी। ऐसे कठिन समय में स्वास्थ्य विभाग की खरीद को लेकर उठे सवालों पर भाजपा को जनता के सामने स्पष्ट जवाब रखना चाहिए।
रजत राणा ने सवाल किया कि राजीव बिंदल जी हमीरपुर में रैलियों के मंच से बड़ी-बड़ी बातें करने से पहले कोरोना काल के PPE किट विवाद पर भी अपनी बात जनता के सामने क्यों नहीं रखते?
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए नेताओं को लेकर भी उठाए सवाल
रजत राणा ने कहा कि भाजपा की इन रैलियों में उन नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, जो पहले कांग्रेस पार्टी में थे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं को कितना सम्मान और कितनी जिम्मेदारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के पुराने और समर्पित कार्यकर्ता वर्षों से संगठन के लिए मेहनत करते आए हैं। आज उन कार्यकर्ताओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब दूसरे दलों से आए नेताओं को अधिक महत्व दिया जा रहा है, तो पुराने कार्यकर्ताओं की भूमिका क्या रह गई है?
क्या भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं को उनका उचित सम्मान मिल रहा है? क्या संगठन में उनकी भावनाओं को महत्व दिया जा रहा है? पार्टी नेतृत्व को इन सवालों पर आत्ममंथन करना चाहिए।
भाजपा पहले अपने कार्यकर्ताओं और जनता को जवाब दे
रजत राणा ने कहा कि लोकतंत्र किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं है। कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रही है। सरकार से सवाल पूछना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है और उन सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि जब केंद्र में आपकी सरकार है, गृह मंत्री आपके हैं, सांसद आपके हैं और सत्ता की जिम्मेदारी आपकी है, तो लोकतंत्र बचाने के नाम पर रैलियां निकालकर आखिर किसे संदेश देना चाहते हैं?
भाजपा को जनता के असली मुद्दों, बेरोजगारी, महंगाई, विकास और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े सवालों पर भी जवाब देना चाहिए। केवल राजनीतिक कार्यक्रमों और भाषणों से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
रजत राणा ने कहा कि भाजपा को लोकतंत्र बचाने की चिंता करने से पहले अपनी सरकार की जवाबदेही, संगठन की एकजुटता और पुराने कार्यकर्ताओं के सम्मान को सुनिश्चित करना चाहिए।
कांग्रेस सोशल मीडिया का भाजपा से सीधा सवाल
* लोकतंत्र को खतरा किससे है, जबकि केंद्र में भाजपा की सरकार है?
* अनुराग ठाकुर जी अपने लंबे केंद्रीय कार्यकाल का हिसाब जनता को कब देंगे?
* राजीव बिंदल जी कोरोना काल के PPE किट विवाद पर उठे सवालों का जवाब कब देंगे?
* भाजपा में शामिल हुए पूर्व कांग्रेस नेताओं को कितना महत्व मिल रहा है?
* भाजपा के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को उनका सम्मान कब मिलेगा?
* जनता के असली मुद्दों पर भाजपा कब जवाब देगी?
रजत राणा ने कहा कि भाजपा को हमीरपुर की जनता को राजनीतिक रैलियों के माध्यम से भ्रमित करने के बजाय अपने शासनकाल, अपने नेताओं और अपनी जवाबदेही पर चर्चा करनी चाहिए। लोकतंत्र बचाने की बात करने वालों को सबसे पहले अपने आचरण और अपनी सरकार की जिम्मेदारियों पर भी ध्यान देना चाहिए।
अंत में भाजपा से कांग्रेस सोशल मीडिया का सीधा सवाल है— जब केंद्र में आपकी सरकार है, प्रधानमंत्री आपके हैं, गृह मंत्री आपके हैं और सत्ता की पूरी जिम्मेदारी आपकी है, तो लोकतंत्र बचाने के नाम पर रैलियां निकालने से पहले अपनी सरकार से सवाल क्यों नहीं पूछते?
लोकतंत्र बचाना है तो सत्ता से सवाल पूछिए, संविधान का सम्मान कीजिए और जनता के अधिकारों की रक्षा कीजिए। लोकतंत्र किसी पार्टी की जागीर नहीं, बल्कि पूरे देश की जनता का अधिकार है।



