




हिमाचल/हमीरपुर :- अब राज्य विधानसभा में सुक्खू व कमलेश एक साथ दिखेंगे। हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब पति-पत्नी एक साथ सदन में होगे। हालांकि इससे पहले पिता व पुत्र विधानसभा में रहे है। इससे
थे तो उस समय पूर्व सी. एम. वीरभद्र सिंह विधानसभा में थे। इसके अलावा सी. पहले जवजयराम ठाकुर से एम. तथा उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह एम. की पत्नी कमलेश ठाकुर मंत्री



पद की भी दावेदार है, क्योंकि सुक्खू कैबिनेट में महिला को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। सदन में अब 3 महिला विधायक है, लेकिन इसमे एक भाजपा से तथा 2 कांग्रेस से है। कांग्रेस की दोनों महिला विधायक अनुराधा राणा तथा कमलेश ठाकुर उपचुनावों में जीतकर सदन पहुंची है।








इनमें भी कमलेश ठाकुर की मंत्री पद के लिए दावेदारी मजबूत है, क्योंकि कमलेश महिला के साथ-साथ कांग्रेस जिला से चुनाव जीत कर सदन में पहुंची है। कांगड़ा प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है तथा यहां से विधायक भी अधिक है। वर्तमान में कांगड़ा से 2 मंत्री है, जिसमें प्रो. चंद्र कुमार व यादविंदर गोमा शामिल है।



ऐसे में कमलेश ठाकुर की दावेदारी अनुराधा राणा से अधिक मजबूत है, क्योंकि जनजातीय क्षेत्र से मंत्रिमंडल में पहले से ही प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसके बाद हिमाचल के इतिहास में यह भी पहली बार होगा कि पत्नी-पत्नी एक साथ मंत्रिमंडल में होंगे।








