जज्बे को सलाम, चलाई एक नई रीत: डॉ. सुरेंद्र डोगरा

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- हिमाचल प्रदेश का एक छोटा सा जिला हमीरपुर से एक डॉक्टर ने ऐसी मुहिम चलाई जिसके जज्बे को सलाम, एक डॉक्टर जो बीमारियों से जूझते हुए जीवन को ठीक करता है एक ऐसा डॉक्टर जो प्रकृति के संरक्षण के लिए भी अपनी भूमिका निभा रहा है।

 

अपने दायित्व के साथ-साथ एक ऐसी मुहिम जिसमें हर जगह पर पौधे लगाए जाएं और प्रकृति का संरक्षण हो ऐसे पौधे जो प्राण दाता हैं प्राण वायु को देने वाले हैं को चुना है जिसमें बरगद का पौधा पीपल का पौधा अमला बेलपत्र का पौधा यह आध्यात्मिक सोच के साथ डॉक्टर सुरेंद्र डोगरा ने अपनी मुहिम को चलाया है और जिसके चलते अब सरकार ने भी इस मुहिम को बढ़ावा दिया है।

 

जिसके चलते माननीय प्रधानमंत्री जी भी एक पौधा मां के नाम पर अपील किए हैं ,ऐसे जज्बे को सलाम जो अपनी गाड़ी में हर जगह पौधे ढ़ोह के पहुंचा रहे हैं इसके चलते अब उनको पौधों वाला डॉक्टर से भी संभोधित किया जा रहा है, डॉक्टर डोगरा का मानना है की निस्वार्थ भाव की सेवा निस्वार्थ तरीके से की जा रही है।

 

और अब तक 1000 से ऊपर पौधा लगाया जा चुका है जिस्म अलग-अलग जिलों में और गृह जिले में भी यह लगाए गए हैं!डॉ डोगरा ने कहा प्रकृति ही है जो इस ज़िंदगी में बिना स्वार्थ सेवा (निस्वार्थ) होती है वरना इंसान तो अपने स्वार्थ के लिए …प्रकृति से ही हर जीव की उत्पत्ति हुई प्रकृति से ही हर प्राणी का अस्तित्व जुड़ा है !

 

पेड़ लगाने की मुहिम डॉक्टर सुरेंद्र सिंह डोगरा ने चलाई, सुजानपुर से आई यह नई रीत।

पेड़ लगाने की मुहिम चल पड़ी, निस्वार्थ भाव संगठन की प्रीत।

धरती मां का श्रृंगार बनाएं, हरियाली से जीवन सजाएं।

हर पेड़ में बसती है नई उम्मीद, प्रकृति के संग जीने की तासीर।

संगठन ने मन में यह ठान ली, हर कोने में हरियाली फैलानी।

पेड़-पौधों से जीवन संवारें, हम सब मिलकर धरती को निहारें।

आओ हम सब मिलकर कदम बढ़ाएं, हर गांव, हर शहर को हरियाल बनाएं।

पेड़ लगाने की मुहिम में साथ दें, धरती मां की गोद को हरी-भरी करें।

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