




हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईसीटी अकादमी, सी-डैक मोहाली तथा राजकीय पॉलिटेक्निक हमीरपुर के संयुक्त तत्वावधान में, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के प्रायोजन से आयोजित “इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) एवं आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) का परिचय” विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ।

यह कार्यक्रम 4 से 8 अगस्त, 2025 तक ऑफलाइन/फिजिकल मोड में आयोजित किया गया, जो नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप था।








उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि श्री अक्षय सूद (HPAS), निदेशक, तकनीकी शिक्षा, हिमाचल प्रदेश रहे, जिन्होंने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शिक्षकों के लिए तकनीकी अद्यतन एवं शोध कार्यों में उपयोगी बताया।


इस एफडीपी का उद्देश्य शिक्षकों को IoT और AI जैसे उभरते क्षेत्रों में अद्यतन तकनीकी ज्ञान और व्यवहारिक कौशल प्रदान करना था।


कार्यक्रम के प्रथम दिन डॉ. बलविंदर सिंह, प्रोफेसर एवं समन्वयक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईसीटी अकादमी, सी-डैक मोहाली, द्वारा माइक्रोकंट्रोलर एवं एम्बेडेड सिस्टम्स पर, डॉ. टी.पी. शर्मा (सह-प्रोफेसर, एनआईटी हमीरपुर) द्वारा IoT एवं AI का परिचय तथा सुश्री अंजू कृष्णा (सी-डैक मोहाली) द्वारा पायथन का परिचय विषय पर सत्र आयोजित किए गए।


पांच दिनों के दौरान विशेषज्ञों ने कृषि में AI, AI एवं मशीन लर्निंग की मूल बातें, सेंसर एवं एक्चुएटर्स, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, Arduino एवं Raspberry Pi के साथ IoT, क्लाउड इंटीग्रेशन, कम्युनिकेशन मॉड्यूल्स, थिंगस्पीक के साथ Node-RED और MQTT ब्रॉकर जैसे विषयों पर व्याख्यान और व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रमुख वक्ताओं में डॉ. राजीव कुमार (एनआईटी हमीरपुर), डॉ. प्रदीप सिंह (एनआईटी हमीरपुर), श्री रोहन ढलोअड़ (सी-डैक मोहाली), श्री ललित बंसल एवं श्री शुभम दीक्षित (सीएसआईओ-सीएसआईआर) तथा श्री पंकज ठाकुर (राजकीय पॉलिटेक्निक हमीरपुर) शामिल रहे।
अंतिम दिन प्रतिभागियों ने IoT आधारित मिनी प्रोजेक्ट तैयार किए, जिनमें सप्ताह भर में सीखे गए सिद्धांतों का व्यावहारिक प्रयोग किया गया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. अश्वनी कुमार राणा, प्रमुख, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियंत्रण विभाग, एनआईटी हमीरपुर रहे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को नवाचार, पेटेंट तथा स्टार्ट-अप गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

प्राचार्य इंजीनियर चंदर शेखर ने डॉ. बलविंदर सिंह, प्रोफेसर एवं समन्वयक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईसीटी अकादमी, सी-डैक मोहाली, अक्षय सूद (HPAS), निदेशक, तकनीकी शिक्षा, हिमाचल प्रदेश, तथा सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे उच्च-स्तरीय एफडीपी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।





