हैप्स ऑडिटोरियम गूंजा जूनियर वाद-विवादकर्ताओं की आवाज़ से

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ  : –  हिम अकादमी पब्लिक स्कूल हमीरपुर अपने जूनियर बोर्डर विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत रोचक और ज्ञानवर्धक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया। यह कार्यक्रम स्कूल के ऑडिटोरियम में हुआ ।

प्रतियोगिता का विषय था – “पुस्तकें और फ़िल्में – कौन अधिक आनंददायक ?” यह विषय बच्चों की सोच, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल को उजागर करने के लिए अत्यंत उपयुक्त रहा।सभी जूनियर बोर्डर विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ इसमें भाग लिया। उन्होंने पक्ष और विपक्ष दोनों में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए।

 

 

कुछ विद्यार्थियों ने पुस्तकों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पुस्तकें हमारी कल्पनाशक्ति को बढ़ाती हैं, ज्ञान देती हैं और जीवनभर हमारे मित्र बनी रहती हैं। वहीं दूसरी ओर, फ़िल्मों के पक्ष में बोलने वाले प्रतिभागियों ने बताया कि फ़िल्में मनोरंजन के साथ-साथ दृश्य और श्रव्य माध्यम के कारण अधिक प्रभावी होती हैं और कम समय में पूरी कहानी को प्रस्तुत कर देती हैं।

 

यह प्रतियोगिता न केवल मनोरंजक रही, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, आलोचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता और सार्वजनिक भाषण कौशल को विकसित करना था।

 

कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं को भी अपनी राय साझा करने का अवसर मिला, जिससे सत्र और अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और संवादात्मक बन गया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन आर्यन शर्मा द्वारा किया गया I

 

आयोजन की विशेष सराहना प्रधानाचार्या  नैना लखनपाल, प्रधानाचार्या अकादमिक् डॉ. हिमांशु शर्मा, उप प्रधानाचार्या अश्वनी कुमार शर्मा, डीoएसoडब्ल्यूo  संजीव कुमार तथा डीडीएसडब्ल्यू  कमल सिंह द्वारा की गई।

 

उन्होंने प्रतिभागियों और शिक्षकों की टीम को उनके प्रयासों के लिए प्रशंसा की। वाद-विवाद का संचालन  अशोक सिंह गुलेरिया और  अंकीता चौहान द्वारा किया गया, जिसमें होस्टल पैरेंट शिक्षकों  रविक्षा शर्मा और  प्रतीक्षा वर्मा का बहुमूल्य सहयोग रहा तथा तकनीकी सहयोग  रजत और  नवीन द्वारा प्रदान किया गया।

 

हैप्स ऑडिटोरियम गूंजा जूनियर वाद-विवादकर्ताओं की आवाज़ से हिम अकादमी पब्लिक स्कूल हमीरपुर अपने जूनियर बोर्डर विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत रोचक और ज्ञानवर्धक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया।

 

 

यह कार्यक्रम स्कूल के ऑडिटोरियम में हुआ । प्रतियोगिता का विषय था – “पुस्तकें और फ़िल्में – कौन अधिक आनंददायक ?” यह विषय बच्चों की सोच, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल को उजागर करने के लिए अत्यंत उपयुक्त रहा। सभी जूनियर बोर्डर विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ इसमें भाग लिया।

 

उन्होंने पक्ष और विपक्ष दोनों में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए। कुछ विद्यार्थियों ने पुस्तकों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पुस्तकें हमारी कल्पनाशक्ति को बढ़ाती हैं, ज्ञान देती हैं और जीवनभर हमारे मित्र बनी रहती हैं।

 

वहीं दूसरी ओर, फ़िल्मों के पक्ष में बोलने वाले प्रतिभागियों ने बताया कि फ़िल्में मनोरंजन के साथ-साथ दृश्य और श्रव्य माध्यम के कारण अधिक प्रभावी होती हैं और कम समय में पूरी कहानी को प्रस्तुत कर देती हैं।

 

यह प्रतियोगिता न केवल मनोरंजक रही, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, आलोचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता और सार्वजनिक भाषण कौशल को विकसित करना था।

 

कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं को भी अपनी राय साझा करने का अवसर मिला, जिससे सत्र और अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और संवादात्मक बन गया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन  आर्यन शर्मा द्वारा किया गया I

 

आयोजन की विशेष सराहना प्रधानाचार्या  नैना लखनपाल, प्रधानाचार्या अकादमिक् डॉ. हिमांशु शर्मा, उप प्रधानाचार्या  अश्वनी कुमार शर्मा, डीoएसoडब्ल्यूo  संजीव कुमार तथा डीडीएसडब्ल्यू  कमल सिंह द्वारा की गई।

 

उन्होंने प्रतिभागियों और शिक्षकों की टीम को उनके प्रयासों के लिए प्रशंसा की। वाद-विवाद का संचालन  अशोक सिंह गुलेरिया और  अंकीता चौहान द्वारा किया गया, जिसमें होस्टल पैरेंट शिक्षकों रविक्षा शर्मा और प्रतीक्षा वर्मा का बहुमूल्य सहयोग रहा तथा तकनीकी सहयोग  रजत और  नवीन द्वारा प्रदान किया गया।

 

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