




हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- जिला में अवैध निर्माण कार्यों को नियंत्रित करने के लिए गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक सोमवार को उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ की अध्यक्षता आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।



गंधर्वा राठौड़ ने जिला में टीसीपी एक्ट की अक्षरशः अनुपालना के दिए निर्देश







जिले की विभिन्न शहरी निकायों और विशेष योजना क्षेत्रों में अवैध निर्माण कार्यों पर कार्रवाई के संबंध में बैठक में व्यापक चर्चा की गई।




ग्रामीण क्षेत्रों में भी 1000 वर्गमीटर से अधिक प्लॉट पर निर्माण के लिए अनुमति अनिवार्य

इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को जिला में नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के सभी प्रावधानों की अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नए भवनों को बिजली-पानी के कनेक्शन और अन्य सुविधाएं नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) विभाग या शहरी निकायों की एनओसी के बाद ही जारी होने चाहिए।

नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के तहत अधिसूचित योजना क्षेत्रों और विशेष क्षेत्रों में किसी भी निर्माण कार्य के लिए टीसीपी विभाग की पूर्व अनुमति अनिवार्य होती है।
अब इन क्षेत्रों से बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 वर्गमीटर से अधिक के एरिया वाले प्लॉट पर निर्माण के लिए भी टीसीपी विभाग की पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। इन क्षेत्रों में 1000 वर्गमीटर से अधिक जमीन की रजिस्ट्री के लिए भी एनओसी अनिवार्य है।
उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए इस संशोधित नियम की जानकारी हर पंचायत तक पहुंचाने के लिए टीसीपी विभाग के अधिकारी सभी बीडीओ से समन्वय स्थापित करें।
उन्होंने कहा कि शहरी और विशेष योजना क्षेत्रों में अनुमति के बगैर निर्माण कार्य कर चुके लोगों को अपने भवनों के नक्शे रेगुलराइज करवाने के लिए एक आखिरी मौका दें और इसके बाद भी कोई भवन मालिक नक्शे को रेगुलराइज नहीं करवाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें।
बैठक में टीसीपी विभाग के योजनाकार हरजिंद्र सिंह और सहायक योजनाकार मनीषा रांगड़ा ने जिला के विशेष क्षेत्रों और अधिसूचित योजना क्षेत्रों के बारे में विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया तथा टीसीपी एक्ट के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी।
इस अवसर पर एएसपी राजेश कुमार, नगर निगम के आयुक्त राकेश शर्मा, एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह, एसडीएम बड़सर स्वाति डोगरा और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।



