बंगाल का चुनाव ममता बनाम जनता: अनुराग सिंह ठाकुर

कोलकाता/विवेकानंद वशिष्ठ:-  पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज कोलकाता में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर युवाओं को रोजगार देने के बजाय केवल नारे देने और उनकी आकांक्षाओं को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर युवाओं को आगे बढ़ने के लिए नए अवसर और मंच प्रदान किए जाएंगे।
बंगाल में भाजपा सरकार बनने पर युवा आकांक्षाओं को उड़ान भरने के लगेंगे नए पर: अनुराग सिंह ठाकुर
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि बंगाल का चुनाव ममता बनाम जनता बन चुका है और जब जनता स्वयं निर्णय लेती है तो परिणाम स्पष्ट और एकतरफा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में तृणमूल कांग्रेस ने तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की राजनीति को बढ़ावा दिया है, जिसका परिणाम इस चुनाव में देखने को मिलेगा।
 उन्होंने विश्वास जताया कि 4 मई को तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर होगी और राज्य में परिवर्तन निश्चित है, क्योंकि बंगाल का युवा वर्ग बदलाव के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि TMC का अर्थ आतंक, मनी लॉन्ड्रिंग और कट मनी बन चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी का उल्लेख करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर बेरोजगार युवक-युवतियों और महिलाओं को प्रतिमाह 3000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
 इसके साथ ही 1 करोड़ रोजगार सृजित किए जाएंगे, नौकरी की परीक्षाओं में 5 वर्षों की छूट दी जाएगी तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 15 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी रिक्त पदों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत भरा जाएगा और युवाओं के लिए कई नई योजनाएं लागू की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल का युवा केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला भी बनेगा और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल प्रशिक्षण ढांचा विकसित किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार के अवसरों में गिरावट आई है और प्रतिभाओं के साथ अन्याय हुआ है, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग अन्य राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जहां देश में बेरोजगारी दर लगभग 5 प्रतिशत है, वहीं पश्चिम बंगाल में यह 25 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
स्नातकोत्तर स्तर पर बेरोजगारी दर लगभग 47.6 प्रतिशत तथा डिप्लोमा धारकों में 31.3 प्रतिशत है। राज्य में 23 लाख पंजीकृत नौकरी चाहने वाले हैं और वर्ष 2015-16 से अब तक लगभग 30 लाख नौकरियां समाप्त हो चुकी हैं।
इसके विपरीत महाराष्ट्र में 24 लाख नई नौकरियां सृजित हुई हैं। उन्होंने कहा कि 45.3 प्रतिशत प्रवासी रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र और 34 प्रतिशत दिल्ली गए हैं, जिससे स्पष्ट है कि राज्य में रोजगार के अवसरों की कमी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की पहचान ही नौकरी नहीं के रूप में बन गई है।
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