




नैनादेवी/बिलासपुर:- जिला बिलासपुर के नैनादेवी ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निरीक्षण करते हुए टीम ने व्यवस्थाओं की गहन जांच की।
“अब 12 पैकेज अनिवार्य:


वर्ष 2025 से लागू 12 सेवा पैकेजों के तहत अब सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए पूर्ण अनुपालन अनिवार्य कर दिया गया है।






निरीक्षण के दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र कनफरा (सलोआ PHC) का दौरा किया गया। यहाँ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर अंकिता शर्मा और मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. सोनालिका की मौजूदगी में सेवाओं का बारीकी से मूल्यांकन हुआ।



इस मौके पर डॉ. सुरिंदर सिंह डोगरा और डॉ. विजय ने राज्य स्तरीय असेसर के रूप में निरीक्षण किया और विभिन्न गुणवत्ता मानकों पर केंद्र की स्थिति का आकलन किया।


क्या बदला..?


पहले जहां सीमित पैकेजों के आधार पर मूल्यांकन होता था, अब सभी 12 सेवा पैकेज अनिवार्य कर दिए गए हैं। इससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन और गंभीर बीमारियों के प्रबंधन जैसी सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा।
विशेषज्ञों की राय:-


डॉ. विजय और डॉ. सुरिंदर सिंह डोगरा ने कहा,

“स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की पहचान हैं। गुणवत्ता स्वास्थ्य सेवाएं ही जनता के भरोसे की असली नींव हैं।”

6 दिवस निरीक्षण के दौरान सलोआ टोबा PHC स्वास्थ्य उप केंद्र मंडयाली तनबोल् कनफ़रा टरबार् का भी आकलन किया गया, जहाँ सेवा प्रावधान, साफ-सफाई, रोगी अधिकारों और उपचार व्यवस्था की समीक्षा की गई।
सम्मान भी मिला:-
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और स्टाफ ने निरीक्षण टीम का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
खास बात:-
यह निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जनता का भरोसा जीतने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।




