




मोहाली/विवेकानंद वशिष्ठ:- पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने शूरवीर महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनके जीवन, वीरता और आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए विशाल जनसमूह को संबोधित किया तथा श्रद्धासुमन अर्पित किए।
दरबारी इतिहासकारों ने मुगलों को महाराणा प्रताप से बड़ा दिखाने की कोशिशें कीं : अनुराग सिंह ठाकुर



अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि महाराणा प्रताप राष्ट्रवादियों के आराध्यदेव हैं। वह केवल एक शासक नहीं बल्कि मातृभूमि की स्वतंत्रता और सनातन धर्म की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले महान योद्धा थे।





उन्होंने कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि हम उस परंपरा के उत्तराधिकारी हैं जिसने राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए हर प्रकार का त्याग किया। महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अरावली की दुर्गम घाटियों और वनों में रहना स्वीकार किया, लेकिन कभी पराधीनता को स्वीकार नहीं किया।



उन्होंने कहा कि राजपूत केवल एक जाति नहीं बल्कि एक दायित्व और कर्तव्य का प्रतीक है। यह दायित्व राष्ट्र, धर्म और समाज की रक्षा का है। हम केवल राजपूत ही नहीं बल्कि राष्ट्रपुत्र भी हैं, क्योंकि हम भारत माता और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित हैं। सनातन धर्म ने हमें शस्त्र धारण करने का अधिकार इस संकल्प के साथ दिया है कि हम राष्ट्र, समाज और संस्कृति की रक्षा करेंगे।


अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि दरबारी इतिहासकारों ने मुगलों को महान दिखाने और हिंदू वीरों को इतिहास के पन्नों से गायब करने का प्रयास किया। मुगलों के महिमामंडन पर बड़ी-बड़ी किताबें लिखी गईं और सिनेमा बनाए गए, जबकि भारत की संस्कृति और सनातन की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले अनेक वीरों को वह स्थान नहीं दिया गया जिसके वे वास्तविक हकदार थे।


उन्होंने कहा कि मुगल कभी भारत को अपना नहीं मान सके क्योंकि वे आक्रांता थे। मुगल काल सनातन संस्कृति के लिए संकट का काल था, जब मंदिरों और तीर्थ स्थलों पर हमले हुए। इसके बावजूद इतिहास में बार-बार आक्रांताओं का महिमामंडन किया गया।
उन्होंने कहा कि सनातन को समाप्त करने की अनेक कोशिशें हुईं, लेकिन हर बार सनातन और अधिक शक्ति के साथ आगे बढ़ा। मुगल आए और चले गए, अंग्रेज आए और चले गए, लेकिन सनातन पहले भी था, आज भी है और आगे भी रहेगा।


उन्होंने कहा कि इतिहास में चाहे कितने ही प्रयास वीरों को भुलाने के लिए किए जाएं, लेकिन वे हमारे संस्कारों, समाज और जनमानस में सदैव जीवित रहेंगे। महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर उन्होंने सभी से आह्वान किया कि देश को मजबूत बनाने और सनातन धर्म को संगठित करने के लिए एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन कम से कम एक कार्य सनातन संस्कृति और समाज के उत्थान के लिए करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। साथ ही तीर्थ स्थलों के संरक्षण, समाज के कमजोर वर्गों की सहायता और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

नूरपुर बस हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की


पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने नूरपुर में हुए बस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए घटना के 24 घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है और वह सभी घायल यात्रियों एवं उनके परिवारों के साथ खड़े हैं।
उन्होंने विशेष रूप से गंभीर रूप से घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की तथा प्रशासन से घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
गौरतलब है कि नूरपुर में 44 सवारियों से भरी एक निजी बस, जो चंबा से ऊना जा रही थी, ड्राइवर को हार्ट अटैक आने की वजह से पलट गई।
घटना में 24 गंभीर घायलों को टांडा मेडिकल कॉलेज रैफर कर दिया गया है, और बाकी 20 लोगों का नूरपुर के सरकारी अस्पताल में इलाज जारी है।




