




फरीदाबाद/हरियाणा:- से एक बेहद दिल दहला देने वाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सिविल इंजीनियर पिता ने अपने ही दो मासूम बेटों को मौत के घाट उतारने के लिए नहर में फेंक दिया। लेकिन, 9 साल के एक बड़े बेटे ने न केवल हिम्मत दिखाई, बल्कि मौत को मात देकर एक चमत्कारिक जीवन हासिल किया है।

घटना का विवरण


आरोपी पिता: भगवत दयाल, जो एक सिविल इंजीनियर बताया जा रहा है।





बच्चों के नाम: सम्राट (9 साल – जीवित बचा) और युग (5 साल – लापता/संभावित मृतक)।


घटनास्थल: फरीदाबाद की आगरा नहर (आसावटी और मांदकौल के पास)।


कदम: रविवार रात (3 मई 2026) बच्चों को घुमाने के बहाने घर से लेकर निकला और नहर में फेंक दिया।


9 साल के ‘सम्राट’ के जीवित बचने की चमत्कारिक कहानी:
5 किलोमीटर का बहाव: नहर में फेंके जाने के बाद, सम्राट पानी की तेज धारा में करीब 5 किलोमीटर तक बहता चला गया।


टहनी के सहारे 9 घंटे: मौत से लड़ते हुए, उसे नहर किनारे एक पेड़ की टहनी मिली, जिसे उसने कसकर पकड़ लिया। वह पूरी रात (लगभग 9-10 घंटे) ठंडे पानी में उस टहनी से लटका रहा।

शरीर ठंडा पड़ गया: सुबह तक पानी में रहने की वजह से उसका शरीर सफेद पड़ गया था और वह बुरी तरह कांप रहा था।

रेस्क्यू: सोमवार सुबह करीब 7 बजे, पैरोल पर आए एक स्थानीय युवक राजेंद्र ने बच्चे की “बचाओ-बचाओ” की आवाज सुनी और उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
पिता और छोटे बेटे की तलाश जारी:पुलिस और SDRF की टीमें लापता पिता (भगवत दयाल) और छोटे बेटे (युग) की तलाश में जुटी हुई हैं। शुरुआती जांच में मामला पति-पत्नी के बीच विवाद का बताया जा रहा है।
यह घटना इंसानियत को शर्मसार करने वाली है, जहां एक मासूम ने अपनी जान बचाने के लिए मौत के मुंह में 9 घंटे तक संघर्ष किया।




