दिव्या आदर्श विद्या स्कूल की मेधावी छात्रा सान्वी पटियाल ने किया “गौरवांवित” मैरिट में प्राप्त किया सातवां स्थान

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- शिक्षा का हब कहे जाने वाला हिमाचल प्रदेश का छोटा सा जिला हमीरपुर ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया की हमीरपुर को यूं ही शिक्षा का हब नहीं कहा जाता। दसवीं के स्कूल शिक्षा बोर्ड परिणाम में सबसे ज्यादा मेरिट सूची में हमीरपुर के ही छात्र छात्रों का ही दबदबा है।

 

सान्वी पटियाल ने किया गौरवांवित, 700 में से 693 अंकों के साथ उत्तीर्ण की एचपी बोर्ड की वार्षिक परीक्षा

 

दिव्या आदर्श विद्या पब्लिक स्कूल भोटा/हमीरपुर की मेधावी छात्रा बेटी सान्वी पटियाल ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 7वां स्थान हासिल किया है। सान्वी ने 693/700 अंक प्राप्त कर यह मुकाम पाया।

 

 

 

सान्वी की इस सफलता पर स्कूल शिक्षा बोर्ड की मेरिट में भोटा की सान्वी दिव्या आदर्श स्कूल की मेधावी छात्रा का 10वीं की मेरिट सूची में सातवां स्थान प्राप्त किया।

 

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में भोटा स्थित दिव्या आदर्श विद्या पब्लिक सीनियर सैकेंडरी स्कूल की मेधावी छात्रा सान्वी पटियाल ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए समूचे प्रदेश में सातवां स्थान अर्जित किया है।

 

स्कूल का संपूर्ण परीक्षा परिणाम भी बेहतरीन रहा। परीक्षा में शामिल 34 बच्चों में से 33 पास हुए हैं। इनमें से 50 प्रतिशत बच्चों ने भी 90 प्रतिशत से अधिक अंकों के साथ उत्तीर्ण होकर स्कूल का नाम रोशन किया है।

 

जिला हमीरपुर के डिडवीं टिक्कर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले झरनोट गांव के निवासी देशराज की सुपुत्री सान्ची ने अपनी इस असाधारण उपलब्धि से न केवल अपने विद्यालय, बल्कि जिला हमीरपुर और अपने गांव का नाम भी स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा दिया है।

 

 

सान्वी ने 700 में से कुल 693 अंक प्राप्त कर 99त्न का उत्कृष्ट स्कोर खड़ा किया है। मेरिट सूची में अपना स्थान सुरक्षित करने वाली सान्वी की इस सफलता की गूंज पूरे क्षेत्र में सुनाई दे रही है। सान्वी ने यह सिद्ध कर दिया है।

 

 

कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण और संकल्प दृढ़ हो, तो सफलता की किसी भी ऊंचाई को हुआ जा सकता है। सान्ची की इस स्वर्णिम सफलता पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक वर्ग और झरनोट गांव के हर ग्रामीण का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।

स्कूल की सीएमडी कंचन भारद्वाज ने कहा कि सान्ची ने इस उपलब्धि से विद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक मानक स्थापित किया है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण क्षण का श्रेय सान्ची के माता-पिता के त्याग और अध्यापकों के निस्वार्थ समर्पण को भी दिया।

 

 

सान्वी ने बताया, मेधा केवल शहरों की जागीर नहीं : कंचन स्कूल की सीएमडी कंचन भारद्वाज ने सान्वी की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उसे आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा Lg कि सान्वी पटियाल शुरू से ही एक विलक्षण और अनुशासित छात्रा रही हैं।

 

 

उनकी यह उपलब्धि उनकी रातों की मेहनत, शिक्षकों के सही मार्गदर्शन और माता-पिता के अटूट विश्वास का मधुर फल है।

 

सान्वी ने साबित किया है कि मेधा केवल शहरों की जागीर नहीं, बल्कि गांवों की पगडंडियों से निकलकर भी बेटियां प्रदेश के शिखर पर बैठ सकती हैं।

 

 

मुझे पूर्ण विश्वास है कि सान्वी भविष्य में भी इसी प्रकार सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। मेरा आशीर्वाद और सहयोग सदैव उसके साथ है।

 

 

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